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महाराष्ट्र में महायुति सहयोगियों के बीच बढ़ा तनाव, नकदी विवाद को लेकर भाजपा और शिवसेना में ठनी

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ा तनाव, नकदी विवाद पर आमने-सामने
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ा तनाव, नकदी विवाद पर आमने-सामने (File Photo)

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा और शिवसेना के बीच तनाव बढ़ गया है। शिवसेना विधायक नीलेश राणे ने सिंधुदुर्ग के मालवण में भाजपा कार्यकर्ता के घर से नकदी मिलने का आरोप लगाया और स्टिंग ऑपरेशन किया। भाजपा मंत्री बावनकुले ने इस तरीके पर सवाल उठाए जबकि नितेश राणे ने भाई के आरोप खारिज करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के पास वैध व्यावसायिक आय होती है। दो दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले यह विवाद गठबंधन के लिए चुनौती बन गया है।

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। इस बार भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच एक नकदी विवाद को लेकर तनाव बढ़ गया है। सिंधुदुर्ग जिले के मालवण में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले ने दोनों सहयोगी दलों के बीच खाई को और चौड़ा कर दिया है। शिवसेना विधायक नीलेश राणे द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह मामला राजनीतिक बवाल में तब्दील हो गया है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

शिवसेना के विधायक नीलेश राणे ने बुधवार को एक बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि सिंधुदुर्ग जिले के मालवण इलाके में भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर से भारी मात्रा में नकदी से भरे बैग मिले हैं। नीलेश राणे का कहना था कि यह पैसा दो दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान मतदाताओं को बांटने के लिए रखा गया था। उन्होंने अपने दावे को सच साबित करने के लिए एक स्टिंग ऑपरेशन भी किया और इस घटना को सार्वजनिक किया। नीलेश राणे ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दो दिन पहले ही मालवण का दौरा किया था, जिससे यह संदेह और गहरा हो गया कि यह पैसा चुनाव में इस्तेमाल होने वाला था।

भाजपा का पलटवार

नीलेश राणे के इन गंभीर आरोपों के बाद भाजपा ने तुरंत पलटवार किया। राज्य सरकार में भाजपा कोटे से राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना विधायक के तरीके पर सवाल उठाए। बावनकुले ने कहा कि किसी के घर में बिना अनुमति के घुसना और शयनकक्ष तक जाकर स्टिंग ऑपरेशन करना कहां तक उचित है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि नीलेश राणे ने ऐसा व्यवहार क्यों किया और इस तरह की कार्रवाई को थोड़ा अनुचित बताया। हालांकि, बावनकुले ने यह भी साफ किया कि अगर इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो वह सख्त कानूनी कार्रवाई का समर्थन करते हैं।

भाइयों के बीच मतभेद

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि नीलेश राणे के पिता नारायण राणे और छोटे भाई नितेश राणे दोनों ही भाजपा में हैं। नितेश राणे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी हैं। नितेश राणे ने अपने बड़े भाई नीलेश राणे के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के पास खुद के व्यवसाय होते हैं जैसे क्रशर, होटल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां। नितेश राणे ने स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक कार्यकर्ता के घर में नकदी का होना सामान्य बात है क्योंकि उनके पास वैध व्यावसायिक आय के स्रोत होते हैं।

स्टिंग ऑपरेशन पर सवाल

चंद्रशेखर बावनकुले ने नीलेश राणे द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह जानना जरूरी है कि क्या किसी के घर में सीधे घुसना, उसके निजी कमरे में जाना और फिर इसे स्टिंग ऑपरेशन बताना सही है। बावनकुले ने जोर देकर कहा कि किसी के शयनकक्ष में जाना निजता का उल्लंघन है और यह तरीका थोड़ा अनुचित लगता है। उन्होंने कहा कि नीलेश राणे को ऐसा करने से पहले सोचना चाहिए था।

गहन जांच की मांग

भाजपा नेता बावनकुले ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि यह पैसा किस मकसद से रखा गया था। क्या यह किसी व्यावसायिक गतिविधि से जुड़ा था, संपत्ति के लेन-देन का हिस्सा था या किसी और कारण से था। बावनकुले ने कहा कि यह पैसा एक भाजपा कार्यकर्ता के घर से मिला है इसलिए पहले यह जानना जरूरी है कि इसका असली स्रोत क्या है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह साबित होता है कि यह पैसा मतदाताओं को बांटने के लिए रखा गया था तो वह खुद सख्त कानूनी कार्रवाई का समर्थन करेंगे।

नितेश राणे का बचाव

मंत्री नितेश राणे ने अपने भाई के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा को बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले ज्यादातर लोगों के पास कोई न कोई व्यवसाय या आय का स्रोत होता है। नितेश राणे ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी कार्यकर्ता के घर से कुछ नकदी मिली है, पार्टी को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी कार्यकर्ता के घर से नकदी मिलने में कोई समस्या नहीं दिखती क्योंकि यह उनकी वैध कमाई हो सकती है।

चव्हाण के दौरे पर सफाई

नीलेश राणे ने जो आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने हाल ही में मालवण का दौरा किया था, उस पर भी नितेश राणे ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश पार्टी प्रमुख हर उस जगह का दौरा करेंगे जहां चुनाव हो रहे हैं। यह उनका कर्तव्य है और इसमें कोई गलत बात नहीं है। नितेश राणे ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष का काम ही है कि वह चुनाव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करें और पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाएं।

पुलिस और चुनाव अधिकारियों की कार्रवाई

स्टिंग ऑपरेशन के बाद चुनाव अधिकारी और पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। उस कार्यकर्ता ने अपने बचाव में कहा कि यह पैसा उसके व्यवसाय से जुड़ा है और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि अगर यह साबित होता है कि यह पैसा चुनाव में इस्तेमाल होने वाला था तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी

महाराष्ट्र में विभिन्न नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए चुनाव दो दिसंबर को होने हैं। इस चुनाव में महायुति गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन इस तरह के विवाद से गठबंधन की छवि पर असर पड़ सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महायुति के भीतर इस तरह की खींचतान से विपक्ष को फायदा हो सकता है।

सहयोगियों के बीच बढ़ता तनाव

यह पहली बार नहीं है जब महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। पहले भी कई मुद्दों पर भाजपा और शिवसेना के बीच तनाव देखा गया है। सीटों के बंटवारे से लेकर नीतिगत फैसलों तक में दोनों दलों के बीच असहमति रही है। इस बार नकदी विवाद ने इन मतभेदों को और गहरा कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते इन मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में गठबंधन के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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Asfi Shadab

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