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जयपुर एयरपोर्ट पर लगातार उड़ान रद्दीकरण से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें

जयपुर एयरपोर्ट पर लगातार उड़ान रद्दीकरण से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें
IndiGo Flight Cancellations: इंडिगो की 17 उड़ानें फिर रद्द, यात्रियों की परेशानी बढ़ी (Image Source: Flickr)

जयपुर एयरपोर्ट पर पिछले एक सप्ताह में 80 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। शनिवार को भी इंडिगो की 17 उड़ानें कैंसिल की गईं। मुंबई का किराया 37,977 रुपए तक पहुंच गया। DGCA के नए नियम और तकनीकी समस्याएं मुख्य कारण बताई जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने तीन स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं।

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Asfi Shadab
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राजस्थान की राजधानी जयपुर का हवाई अड्डा पिछले एक सप्ताह से लगातार उड़ान रद्दीकरण की समस्या से जूझ रहा है। इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से शनिवार को भी कुल 17 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। लगातार हो रहे फ्लाइट कैंसिलेशन ने न सिर्फ यात्रियों की परेशानियां बढ़ाई हैं, बल्कि हवाई सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

जयपुर एयरपोर्ट पर बिगड़ते हालात

शनिवार को जयपुर हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 17 उड़ानों को रद्द किए जाने की खबर से यात्रियों में निराशा और गुस्सा दोनों देखा गया। जबकि जोधपुर और उदयपुर एयरपोर्ट पर शनिवार का शेड्यूल सामान्य बताया जा रहा था, जयपुर में स्थिति गंभीर बनी हुई है। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को तो राजस्थान के चार प्रमुख हवाई अड्डों – जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर पर कुल 45 उड़ानें रद्द हुई थीं। इनमें से अधिकांश इंडिगो एयरलाइंस की थीं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले एक सप्ताह में केवल जयपुर एयरपोर्ट पर ही 80 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। यह संख्या बताती है कि समस्या कितनी गहरी और व्यापक है। हर दिन दर्जनों यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ रहा है या फिर घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ रहा है।

यात्रियों की बढ़ती परेशानियां

उड़ान रद्द होने का सबसे बड़ा असर उन यात्रियों पर पड़ा है जिनकी जरूरी मीटिंग्स, पारिवारिक कार्यक्रम या व्यावसायिक काम निर्धारित थे। कई यात्रियों को शुक्रवार की जगह शनिवार की नई टिकटें दी गईं, लेकिन उनके मन में यह डर बना हुआ है कि कहीं ये उड़ानें भी रद्द न हो जाएं। टिकट रिफंड की प्रक्रिया भी जटिल और समय लेने वाली है।

एयरपोर्ट पर यात्रियों को होटल में रुकने, खाने-पीने और दोबारा टिकट बुक करने का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। री-शेड्यूलिंग को लेकर काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहती हैं और स्टाफ भी इतनी बड़ी संख्या में प्रभावित यात्रियों को संभाल नहीं पा रहा है।

मुंबई जाने वालों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत

जयपुर से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। फ्लाइट कैंसिल होने के कारण बची हुई उड़ानों में सीटों की भारी कमी हो गई है। इसका फायदा उठाते हुए दूसरी एयरलाइंस ने किराए में आसमानी बढ़ोतरी कर दी है। शनिवार को तो मुंबई के लिए किसी भी उड़ान में सीट ही उपलब्ध नहीं थी।

रविवार के लिए स्पाइसजेट की उड़ानों SG-651 जो शाम 6:15 बजे उड़ान भरती है और SG-251 जो रात 11:20 बजे चलती है, का किराया बढ़कर 37,977 रुपए तक पहुंच गया है। यह सामान्य दिनों की तुलना में 5 से 6 गुना अधिक है। आमतौर पर जयपुर से मुंबई का किराया 6,000 से 8,000 रुपए के बीच होता है, लेकिन मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर ने कीमतें आसमान पर पहुंचा दी हैं।

उड़ान रद्द होने की वजहें

फ्लाइट रद्द होने की मुख्य वजह DGCA यानी नागर विमानन महानिदेशालय के नए नियमों के लागू होने और विमानों में तकनीकी परेशानियों को बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, विमानों के रखरखाव यानी मेंटेनेंस की बाध्यताओं में हाल ही में बदलाव किए गए हैं। इन नए मानकों के अनुसार कई विमान उड़ान योग्य नहीं पाए गए हैं, जिसके कारण एयरलाइंस को उड़ानों की संख्या घटानी पड़ रही है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइंस को इन बदलावों की जानकारी पहले से थी और उन्हें बेहतर योजना बनानी चाहिए थी ताकि यात्रियों को इतनी परेशानी न उठानी पड़ती। लगातार कैंसिलेशन से यह भी साफ होता है कि एयरलाइंस के पास पर्याप्त बैकअप विमान नहीं हैं।

रेलवे ने बढ़ाया सहयोग का हाथ

फ्लाइट संकट के कारण जयपुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए और यात्रियों को राहत देने के लिए नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे ने तीन स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। रेलवे सीपीआरओ शशि किरण ने इन ट्रेनों का विवरण दिया है।

पहली स्पेशल ट्रेन की जानकारी

ट्रेन संख्या 04062 दिल्ली सराय रोहिल्ला से साबरमती के बीच चलाई जा रही है। यह ट्रेन शनिवार दोपहर 2:15 बजे जयपुर पहुंचेगी। वापसी की ट्रेन संख्या 04061 साबरमती से दिल्ली सराय रोहिल्ला के बीच 7 दिसंबर को चलेगी और दोपहर 3:45 बजे जयपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन दिल्ली और गुजरात के बीच यात्रा करने वालों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है।

दूसरी स्पेशल ट्रेन का विवरण

दुर्गापुरा जयपुर से बांद्रा टर्मिनस मुंबई के बीच स्पेशल ट्रेन 7 दिसंबर को दोपहर 12:25 बजे दुर्गापुरा से रवाना होगी। वापसी की ट्रेन 8 दिसंबर सुबह 10 बजे बांद्रा से चलेगी और अगले दिन यानी 9 दिसंबर सुबह 5:30 बजे दुर्गापुरा पहुंचेगी। यह ट्रेन खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आई है जो जयपुर से मुंबई जाना चाहते थे लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने से परेशान थे।

तीसरी स्पेशल ट्रेन का मार्ग

ट्रेन संख्या 04725 हिसार से खडकी महाराष्ट्र के लिए चलाई जा रही है। यह ट्रेन शनिवार दोपहर 12:40 बजे जयपुर पहुंचेगी। वापसी की ट्रेन संख्या 04726 खडकी से हिसार के बीच 8 दिसंबर शाम 5 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर को जयपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन हरियाणा और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करा रही है।

यात्रियों की मांगें और भविष्य की चुनौतियां

लगातार फ्लाइट रद्द होने से एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई यात्रियों ने एयरलाइंस प्रबंधन और DGCA से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त विकल्प दिए लगातार उड़ानें रद्द करना यात्रियों के साथ अन्याय है।

यात्री संगठनों ने मांग की है कि प्रभावित यात्रियों को तुरंत और पूरा रिफंड दिया जाए, वैकल्पिक उड़ानों में मुफ्त सीटें उपलब्ध कराई जाएं और होटल व भोजन का खर्च एयरलाइंस उठाए। कुछ यात्रियों ने मुआवजे की भी मांग की है क्योंकि उन्हें व्यावसायिक और व्यक्तिगत नुकसान हुआ है।

एयरलाइंस का रुख और आगे की संभावनाएं

फिलहाल इंडिगो एयरलाइंस ने स्थिति जल्द सुधारने का आश्वासन दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि तकनीकी और नियामक चुनौतियों के कारण अस्थायी तौर पर कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं, लेकिन जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। हालांकि यात्रियों में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वे जानना चाहते हैं कि कब तक यह संकट जारी रहेगा और क्या उनकी आगे की यात्राएं सुरक्षित रहेंगी।

विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सभी विमान तकनीकी रूप से मंजूर नहीं हो जाते, तब तक कुछ दिनों तक यह समस्या जारी रह सकती है। उन्होंने सुझाव दिया है कि यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए और संभव हो तो वैकल्पिक यात्रा साधनों की भी योजना बना लेनी चाहिए।

इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर भारतीय विमानन क्षेत्र की चुनौतियों को सामने ला दिया है। यात्री सुविधा, सेवा की गुणवत्ता और संकट प्रबंधन के मामले में अभी भी बहुत सुधार की जरूरत है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।