Tamil Nadu Cabinet Expansion: तमिलनाडु की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो चुका है। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने अपना पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया है। इस विस्तार के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और भी तेज हो गई है।
नई सरकार में टीवीके पार्टी के 21 विधायकों और सहयोगी दल कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विजय के मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। तमिलनाडु में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं, यानी अभी भी तीन पद खाली हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सहयोगी दलों को भी इसमें जगह दी जा सकती है।
समर्थन देने वाले दलों को नहीं मिला मंत्री पद
हालांकि इस विस्तार में सरकार को समर्थन दे रहे दो अहम दल आईयूएमएल और वीसीके शामिल नहीं हुए। दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं और सरकार के बहुमत में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। बताया जा रहा है कि इन दलों के लिए मंत्रिमंडल में एक-एक पद सुरक्षित रखा गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किए हैं।
सरकार की ओर से लगातार सहयोगी दलों को साथ आने का न्योता दिया जा रहा है। तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय चाहते हैं कि गठबंधन के सभी दल सरकार का हिस्सा बनें। उन्होंने उम्मीद जताई कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी जल्द मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।
लगभग 60 साल बाद तमिलनाडु की सत्ता में कांग्रेस
इस मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे खास बात कांग्रेस की वापसी मानी जा रही है। लगभग 60 साल बाद कांग्रेस तमिलनाडु की सत्ता में दोबारा शामिल हुई है। टीवीके सरकार में कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और तिरु पी. विश्वनाथन को मंत्री बनाया गया है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है, क्योंकि पिछली बार कांग्रेस की सरकार राज्य में 1967 से पहले थी। उस समय एम. भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री थे। लेकिन 1967 के चुनाव में सी. एन. अन्नादुराई के नेतृत्व वाली डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। उसके बाद से कांग्रेस कभी भी राज्य सरकार का हिस्सा नहीं बन सकी थी।