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कानपुर में दीपावली पर बड़ा हादसा: शॉर्ट सर्किट से डिपार्टमेंटल स्टोर में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक

कानपुर में दीपावली पर बड़ा हादसा: शॉर्ट सर्किट से डिपार्टमेंटल स्टोर में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक
Kanpur Fire Accident – दीपावली पर शॉर्ट सर्किट से डिपार्टमेंटल स्टोर में भीषण आग, लाखों का नुकसान
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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दीपावली की सुबह कानपुर में मचा हड़कंप: डिपार्टमेंटल स्टोर में भीषण आग

कानपुर, संवाददाता। दीपावली की खुशियां सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में बदल गईं जब शहर के गोविंदनगर क्षेत्र में एक डिपार्टमेंटल स्टोर में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग भड़क उठी। तेज लपटों और धुएं ने पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मचा दी। हालांकि, दमकल कर्मियों की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।


घटना कैसे घटी: सोते हुए परिवार को मार्निंग वॉकर्स ने जगाया

गोविंदनगर के दबौली निवासी वीरेंद्र नारायण बाजपेई ने अपने मकान के भूतल पर डिपार्टमेंटल स्टोर खोला हुआ है। दीपावली की पूर्व संध्या पर बिक्री अधिक होने के कारण वह देर रात करीब दो बजे दुकान बंद कर ऊपर पहली मंजिल पर परिवार के साथ सो गए। सुबह लगभग पांच बजे मोहल्ले के कुछ लोग जब मार्निंग वॉक पर निकले तो उन्होंने स्टोर से उठता धुआं और लपटें देखीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर परिवार और पुलिस को सूचना दी।

वीरेंद्र और उनका परिवार जैसे ही नीचे पहुंचे, उन्होंने देखा कि स्टोर का अंदरूनी हिस्सा धुएं से भर चुका है। वीरेंद्र ने अंदर जाने की कोशिश की, मगर घने धुएं और तेज लपटों के कारण वापस लौटना पड़ा। उन्होंने बाहर से शटर खोलने की कोशिश की, लेकिन शटर फंस गया। मोहल्ले के लोगों ने भी मिलकर शटर तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।


दमकल विभाग की तेज कार्रवाई ने बचाई जनहानि

इसी दौरान सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कटर मशीन की मदद से लोहे के शटर को काटा और तुरंत पानी की बौछार शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगर आग की लपटें पहली मंजिल तक पहुंच जातीं तो परिवार की जान को खतरा हो सकता था। गनीमत रही कि आग ऊपर नहीं फैली और किसी की जान नहीं गई।


लाखों का सामान जलकर राख, कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा

वीरेंद्र नारायण के मुताबिक, स्टोर में त्योहारी सीजन को देखते हुए लाखों रुपये का माल भरा हुआ था। आग से लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। गोविंदनगर थाना प्रभारी रिकेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है।

उन्होंने बताया कि “दमकल विभाग ने समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।”


त्योहारी रौनक में सुरक्षा लापरवाही बनी चिंता का विषय

दीपावली पर अक्सर बिजली के सजावटी लाइट्स और भारी इलेक्ट्रॉनिक लोड के कारण ऐसे हादसे सामने आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान विद्युत उपकरणों की जांच, वायरिंग की सुरक्षा और समय पर मरम्मत जरूरी है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

कानपुर नगर निगम और विद्युत विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और दुकानों में बिजली की फिटिंग समय-समय पर जांचें और पुरानी वायरिंग को बदलवाएं। दीपावली जैसे पर्व पर सुरक्षा नियमों का पालन करना ही खुशियों की गारंटी है।


स्थानीय लोगों की तत्परता बनी बड़ी मिसाल

मोहल्ले के निवासियों ने घटना के दौरान जो तत्परता दिखाई, वह सराहनीय है। मार्निंग वॉक पर निकले लोगों की सूचना से ही हादसे को बड़ा रूप लेने से रोका जा सका। आग बुझाने में दमकल कर्मियों के साथ स्थानीय युवाओं ने भी सहयोग किया।


प्रशासन ने लिया संज्ञान, बिजली विभाग को दी चेतावनी

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने बिजली विभाग से रिपोर्ट मांगी है। गोविंदनगर थाना प्रभारी ने कहा कि विद्युत निरीक्षण टीम को मौके पर भेजा गया है ताकि यह जांच की जा सके कि कहीं आसपास के घरों में भी शॉर्ट सर्किट का खतरा तो नहीं है।


निष्कर्ष: सतर्कता ही सुरक्षा का उपाय

दीपावली खुशियों का त्योहार है, परंतु जरा सी लापरवाही इन खुशियों को हादसे में बदल सकती है। कानपुर की यह घटना चेतावनी है कि हमें बिजली उपकरणों की सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रशासन और नागरिक दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे हादसों से सीख लेते हुए भविष्य में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।