Kumar Vishwas: उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से एक पुराना चुनावी मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। करीब 12 साल पुराने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन केस में अब कानूनी कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। सुलतानपुर की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और चर्चित कवि कुमार विश्वास समेत दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्रियों सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती को 15 मई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के लिए तलब किया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है, जब कुमार विश्वास अमेठी सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में थे। उस समय अमेठी देश की सबसे चर्चित सीटों में से एक थी, जहां कांग्रेस, भाजपा और आप के बीच सियासी मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल बन चुका था। चुनावी माहौल गरम था और प्रचार अपने चरम पर था। इसी दौरान 6 मई 2014 को प्रशासन की ओर से एक कार्रवाई की गई, जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।
आरोप के मुताबिक, मतदान से 48 घंटे पहले निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत बाहरी व्यक्तियों को संबंधित क्षेत्र छोड़ना होता है। तत्कालीन कोतवाल मोहम्मद हमीद ने कुमार विश्वास और उनके समर्थकों को यह निर्देश दिया था कि वे क्षेत्र छोड़ दें, क्योंकि वे वहां के मतदाता नहीं थे। लेकिन आरोप है कि प्रशासन के बार-बार निर्देश देने के बावजूद कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती और उनके समर्थकों ने क्षेत्र नहीं छोड़ा। इसके बाद पुलिस ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया था।
सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी
विशेष शासकीय वकील कालिका प्रसाद मिश्र के अनुसार, यह मामला पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित था, लेकिन हाल ही में इसे विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। अब विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है।
15 मई को मामले की सुनवाई
15 मई को इस मामले की अगली सुनवाई होगी और कोर्ट ने सभी प्रमुख आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर 2014 के उस चुनावी दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब अमेठी की लड़ाई राष्ट्रीय सुर्खियों में थी।