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जसीडीह में गोंडा आसनसोल एक्सप्रेस की ट्रक से टक्कर, रेल यातायात बाधित

Gonda Asansol Express Accident: जसीडीह में ट्रक से टकराई ट्रेन, रेल यातायात प्रभावित
Gonda Asansol Express Accident: जसीडीह में ट्रक से टकराई ट्रेन, रेल यातायात प्रभावित (Photo: X @beatsinbrief / Screengrab)
झारखंड के जसीडीह में गुरुवार को गोंडा आसनसोल एक्सप्रेस की रोहिणी-नबदीह रेलवे क्रॉसिंग पर चावल से लदे ट्रक से टक्कर हो गई। दुर्घटना में ट्रक और ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हुआ। रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बहाली का काम शुरू किया।
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Gonda Asansol Express Accident: जसीडीह, झारखंड: गुरुवार की सुबह आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत जसीडीह और मधुपुर के बीच स्थित रोहिणी-नबदीह रेलवे क्रॉसिंग पर एक बड़ी रेल दुर्घटना हो गई। ट्रेन नंबर 13510 गोंडा आसनसोल एक्सप्रेस की चावल से भरे एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेन के इंजन को भी काफी नुकसान पहुंचा। दुर्घटना के कारण डाउन और अप दोनों लाइनों पर रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया।

दुर्घटना का विवरण

सुबह करीब 9 बजकर 38 मिनट पर यह दुर्घटना हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के व्यस्त समय में रोहिणी-नबदीह रेलवे क्रॉसिंग पर भारी वाहनों की भीड़ थी। चावल से लदा एक ट्रक रेलवे लाइन को पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी गोंडा से आसनसोल जा रही एक्सप्रेस ट्रेन वहां आ पहुंची। तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन ने ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। दुर्घटना के समय दो मोटरसाइकिल भी ट्रक के पास थे, जो ट्रक की चपेट में आ गए। हालांकि, सौभाग्य से मोटरसाइकिल सवार समय रहते भाग निकले और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

गेटमैन का बयान

रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन पंकज कुमार ने बताया कि क्रॉसिंग पर भारी वाहनों की भीड़ होने के कारण ट्रेन को कोई सिग्नल नहीं दिया गया था। फिर भी, गोंडा आसनसोल एक्सप्रेस डाउन लाइन पर आ रही थी और लेवल क्रॉसिंग पर ट्रक से टकरा गई। गेटमैन ने यह भी बताया कि सुबह के समय यहां हमेशा यातायात की समस्या रहती है और भारी वाहन अक्सर क्रॉसिंग पर रुक जाते हैं।

रेल यातायात में बाधा

दुर्घटना के तुरंत बाद डाउन और अप दोनों लाइनों पर रेल सेवाएं रोक दी गईं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए सुबह 10 बजकर 55 मिनट तक अप लाइन को बहाल कर दिया। इसके बाद आसनसोल-झाझा यात्री ट्रेन को जाने की अनुमति दी गई। रेलवे कर्मचारियों ने डाउन लाइन पर काम करना जारी रखा।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने बताया कि अगर ट्रेन और तेज गति से आ रही होती, तो बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था। दुर्घटना के समय ट्रेन में यात्रियों की अच्छी खासी संख्या थी। सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई है।

गांव के एक बुजुर्ग ने कहा कि यह क्रॉसिंग हमेशा से खतरनाक रही है। यहां पर अक्सर भारी वाहन फंस जाते हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने मांग की कि इस क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज या अंडरपास बनाया जाना चाहिए।

रेलवे अधिकारियों की कार्रवाई

दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और आसनसोल रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और रेल यातायात बहाल करने के लिए तेजी से काम शुरू किया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के इंजन को नुकसान हुआ है, लेकिन कोई बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई। ट्रक चालक ने बिना गेट खुलने का इंतजार किए क्रॉसिंग पार करने की कोशिश की, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

जांच की मांग

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस दुर्घटना की पूरी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही थी या नहीं। गेटमैन की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

रेलवे सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही, इस क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

सुरक्षा के उपाय

Gonda Asansol Express Accident: इस घटना के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए जाने चाहिए। साथ ही, गेटमैन को ठीक से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

रेलवे ने हाल के वर्षों में कई मानवरहित क्रॉसिंग को बंद किया है, लेकिन अभी भी कई ऐसी क्रॉसिंग हैं जहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रोहिणी-नबदीह क्रॉसिंग भी ऐसी ही एक जगह है जहां रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है।

भविष्य के लिए योजना

रेलवे प्रशासन ने बताया कि वे इस क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि, इसके लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय की जरूरत है। अगर ओवरब्रिज बन जाता है, तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा को गंभीरता से लेने की जरूरत है। चालकों को भी सतर्क रहना चाहिए और रेलवे नियमों का पालन करना चाहिए। तभी हम ऐसी दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।