कोलकाता के ऐतिहासिक शोखेरबाजार इलाके में स्थित प्रसिद्ध शिवकाली मंदिर में एक गंभीर चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर देवी काली की स्वर्ण जिह्वा, मुकुट और दान पेटी सहित कई कीमती वस्तुएं चुरा लीं। यह घटना श्रद्धालुओं के बीच गहरी पीड़ा और आक्रोश का कारण बनी है। मंदिर प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मंदिर की पवित्रता के साथ खिलवाड़
शोखेरबाजार का शिवकाली मंदिर कोलकाता के प्राचीन और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन हाल ही में हुई इस चोरी की घटना ने मंदिर की पवित्रता को चोट पहुंचाई है। चोरों ने देवी काली की स्वर्ण निर्मित जिह्वा और मुकुट जैसी अत्यंत पवित्र और कीमती वस्तुओं को चुरा लिया, जो मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा थीं।

मंदिर के पुजारियों और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि ये वस्तुएं सिर्फ आर्थिक रूप से कीमती नहीं थीं, बल्कि इनका धार्मिक और भावनात्मक महत्व भी बहुत अधिक था। देवी काली की स्वर्ण जिह्वा विशेष रूप से पूजा का केंद्र थी और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती थी।
चोरी की घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार, चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। ऐसा लगता है कि यह घटना रात के समय हुई जब मंदिर बंद था और आसपास कोई नहीं था। चोर बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे थे क्योंकि उन्हें ठीक-ठीक पता था कि मंदिर में कौन-कौन सी कीमती वस्तुएं रखी हैं।
चोरों ने सबसे पहले देवी काली की मूर्ति से स्वर्ण जिह्वा और मुकुट को निकाला। इसके बाद उन्होंने दान पेटी को भी तोड़कर उसमें रखे सभी पैसे और चढ़ावे को लूट लिया। मंदिर में रखी अन्य कीमती वस्तुओं को भी चोर अपने साथ ले गए।

श्रद्धालुओं में आक्रोश
जब सुबह मंदिर खोला गया और पुजारियों ने यह दृश्य देखा, तो वे स्तब्ध रह गए। खबर फैलते ही स्थानीय निवासी और श्रद्धालु मंदिर में जुटने लगे। लोगों में गुस्सा और दुख दोनों था। कई श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू थे, तो कुछ लोग चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सिर्फ चोरी नहीं है, यह हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ है। जो लोग ऐसा करते हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, “हमारे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे हो सकती है? प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।”
पुलिस की जांच और कार्रवाई
मंदिर प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाने का काम शुरू किया। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया ताकि चोरों के फिंगरप्रिंट और अन्य सुराग मिल सकें।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से चोरों की पहचान हो सकेगी। साथ ही, स्थानीय सूचनाओं के आधार पर भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द चोरों को पकड़ लिया जाएगा और चोरी गई वस्तुओं को बरामद करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
मंदिरों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कोलकाता जैसे बड़े शहर में, जहां हर गली-मोहल्ले में पुलिस की मौजूदगी होती है, वहां भी मंदिरों में इस तरह की चोरी की घटनाएं हो रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंदिरों में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की कमी है। ज्यादातर मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे या तो नहीं होते या फिर वे ठीक से काम नहीं करते। रात में मंदिरों की निगरानी के लिए पर्याप्त सुरक्षा गार्ड भी नहीं होते।
धार्मिक स्थलों के लिए सख्त व्यवस्था जरूरी
शोखेरबाजार शिवकाली मंदिर में हुई यह चोरी की घटना यह बताती है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की जरूरत है। मंदिर प्रशासन को न सिर्फ आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने चाहिए, बल्कि स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था भी तैयार करनी चाहिए।
साथ ही, पुलिस को भी ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अपराधियों में यह संदेश जाए कि धार्मिक स्थलों पर हमला या चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस घटना ने पूरे शोखेरबाजार इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग देवी काली की चोरी गई पवित्र वस्तुओं की जल्द बरामदगी और अपराधियों की गिरफ्तारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।