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कोलकाता में तृणमूल समर्थकों की झड़प, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन

कोलकाता में तृणमूल समर्थकों की झड़प, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
Kolkata Violence: दक्षिण कोलकाता में तृणमूल समर्थकों की खूनी झड़प, कांग्रेस का विरोध (File Photo)

Kolkata Violence: दक्षिण कोलकाता के वार्ड 90 में तृणमूल नियंत्रित दो गुटों में इलाका दखल को लेकर हिंसक झड़प हुई। रबींद्र सरोवर थाने के पास बम और गोलीबारी से कई घायल। पुलिस की गाड़ी तोड़ी गई। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त। कांग्रेस ने थाने के सामने विरोध प्रदर्शन कर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रशासन मौन।

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Asfi Shadab
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Kolkata Violence: दक्षिण कोलकाता के रबींद्र सरोवर इलाके में कल एक बार फिर से हिंसा की घटना सामने आई है। वार्ड नंबर 90 में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दो गुटों के बीच इलाका दबाने को लेकर भीषण झड़प हुई। पुलिश थाने की नाक के नीचे हुई इस घटना में बम फेंके गए, गोलियां चलीं और पुलिस की गाड़ी तक तोड़ दी गई। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई।

इस घटना के विरोध में आज दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने रबींद्र सरोवर थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शांति व्यवस्था बहाल करने और अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के सामने हुई हिंसक झड़प

रबींद्र सरोवर थाना क्षेत्र के वार्ड 90 में कल दोपहर के समय तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दो गुटों के बीच इलाके पर कब्जा करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। यह विवाद जल्द ही हिंसक रूप ले गया। दोनों गुटों के समर्थकों ने एक दूसरे पर बम फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद गोलियां भी चलीं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हिंसा इतनी भयानक थी कि लोग अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। बाजार में खरीदारी करने आए लोग इधर-उधर भागने लगे। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर लीं।

पुलिस की गाड़ी भी नहीं बची

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। हिंसक भीड़ ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला कर दिया और उसे बुरी तरह तोड़ दिया। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद असामाजिक तत्वों ने खुलेआम हिंसा की।

चश्मदीदों का कहना है कि बम और गोलियों की आवाजें लगातार सुनाई दे रही थीं। ऐसा लग रहा था जैसे कोई युद्ध चल रहा हो। पत्थरों की बौछार में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

कई लोग घायल, अस्पताल में भर्ती

इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए। गोली लगने से कुछ लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए। बम के छर्रों से भी कई लोगों को चोटें आईं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन इस बार हिंसा का स्तर बहुत ज्यादा था। आम लोग डरे हुए हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

आम जनजीवन अस्त-व्यस्त

इस हिंसा की वजह से इलाके में आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों की स्कूल जाना बंद हो गया। दुकानें बंद रहीं। कामकाज ठप पड़ गया।

बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से डरी हुई हैं। उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। इलाके में शांति व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है।

कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन

इस घटना के खिलाफ आज दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने रबींद्र सरोवर थाने के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए शांति व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनके साथ कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

पुलिस को सौंपा ज्ञापन

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की गई है। कांग्रेस ने इलाके में शांति बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाने की भी मांग की है।

प्रदीप प्रसाद ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े गुटों के बीच इलाका दखल को लेकर लगातार झड़पें हो रही हैं। पुलिस प्रशासन इन अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है।

कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने सवाल उठाया कि पुलिस थाने के पास ही इतनी बड़ी हिंसा कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस प्रशासन की विफलता है। सत्ताधारी पार्टी से जुड़े गुंडे खुलेआम हिंसा कर रहे हैं और पुलिश कुछ नहीं कर रही।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों की मांग

Kolkata Violence: स्थानीय निवासी भी पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से इलाके की छवि खराब हो रही है। व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है।

लोगों ने कहा कि राजनीतिक गुटों के बीच की लड़ाई में आम लोग पिस रहे हैं। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। पुलिस को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए।

प्रशासन की चुप्पी

इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस ने केवल इतना कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। लेकिन अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि चूंकि आरोपी सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हैं, इसलिए पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। यह स्थिति कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

दक्षिण कोलकाता में हुई यह घटना एक बार फिर से राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, ऐसी घटनाएं होती रहेंगी और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।