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बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प

बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प
Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प, तीन घायल

Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 शालबागान इलाके में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। शराब और जुए के अड्डे को लेकर हुए विवाद में तीन लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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खेल के मैदान पर शराब और जुए के अड्डे को लेकर विवाद

स्थानीय लोगों की परेशानी

बारासात नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 में स्थित शालबागान इलाके में मंगलवार की रात एक खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के तीन लोग घायल हो गए। हेलाबटतला के पास स्थित शालबागान क्षेत्र में यह घटना होने के बाद पूरा इलाका तनाव में आ गया। घटना की सूचना मिलते ही बारासात थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खेल के मैदान पर हर शाम के बाद शराब और जुए का अड्डा लगता है। स्थानीय और बाहरी असामाजिक तत्व यहां नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं और गंदी भाषा में गाली-गलौज करते हैं। आपस में मारपीट करना और रास्ते से गुजरने वाले लोगों को धमकाना यहां आम बात हो गई है। देर रात तक इन असामाजिक तत्वों की हरकतों से इलाके के आम लोग परेशान हैं।

Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प, तीन घायल
Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प, तीन घायल

घटना का विवरण

मंगलवार की रात भी कुछ ऐसा ही हुआ। आरोप है कि भाजपा नेता प्रतीप चटर्जी उर्फ लट्टू ने अपने साथियों के साथ छात्रदल के खेल के मैदान में शराब पीने का आयोजन किया। इलाके का माहौल खराब हो रहा है, इसका विरोध करने पर स्थानीय तृणमूल नेता बुड़ो बनर्जी के भाई बुबाई बनर्जी नाम के एक युवक पर हमला हुआ। आरोप है कि भाजपा नेता लट्टू ने बुबाई का सिर फोड़ दिया।

दूसरी तरफ, भाजपा नेता का दावा है कि बुड़ो बनर्जी ही बाहरी असामाजिक तत्वों को लाकर इलाके का माहौल खराब कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मैदान हर शाम के बाद शराब के अड्डे में बदल जाता है और यहां जुए की अड्डेबाजी होती है। इससे इलाके के लोग डरे हुए हैं। इस सबके विरोध में जाने पर ही उन पर हमला हुआ।

Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प, तीन घायल
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दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप

घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की लिखित शिकायत दर्ज की है। घायल अवस्था में दोनों पक्षों के लोगों को बारासात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। बारासात थाने की पुलिश पूरे मामले की जांच कर रही है।

भाजपा नेता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें भी मारा-पीटा गया है और उनके घर में तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने तृणमूल कार्यकर्ताओं पर इलाके में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।

Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प, तीन घायल
Barasat BJT-TMC Violent Clash Over Playground: बारासात में खेल के मैदान पर कब्जे को लेकर भाजपा और तृणमूल में हिंसक झड़प, तीन घायल

विवादित नेता का इतिहास

हाल ही में बारासात के पश्चिम खीलकापुर ग्राम पंचायत के मोयना गड्डी इलाके में एक प्राथमिक स्कूल में जबरन सरस्वती पूजा कराने को लेकर तनाव फैला था। उस वायरल वीडियो में भी इसी भाजपा नेता प्रतीप चटर्जी उर्फ लट्टू को देखा गया था। यह नेता पहले सीपीआईएम में था और 2021 से भाजपा में शामिल हुआ है।

इससे पहले भी इस नेता को राष्ट्रीय और राज्य सड़कों पर स्थित सरकारी अनुमति प्राप्त शराब की दुकानों पर विरोध प्रदर्शन करते, पुराने मकानों पर कब्जा करने, तालाब भरने जैसे कई मामलों में अपने साथियों के साथ अशांति फैलाते देखा गया है। पुलिस ने उन्हें कई बार गिरफ्तार किया है।

तृणमूल नेता पर भी हैं आरोप

दूसरी ओर, तृणमूल नेता बुड़ो बनर्जी के खिलाफ भी वसूली और तोड़फोड़ के आरोप हैं। उन्हें भी पुलिस ने कई बार गिरफ्तार किया है। इन दोनों के बीच की इस लड़ाई में इलाके के आम लोग डरे हुए हैं।

इलाके में फैला डर का माहौल

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के असामाजिक तत्वों के कारण इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। बच्चे शाम के बाद बाहर नहीं निकल पाते हैं। महिलाएं घर से बाहर जाने में डरती हैं। खेल का मैदान जो बच्चों के खेलने के लिए बनाया गया था, वह अब असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन गया है।

इलाके के कुछ बुजुर्गों ने बताया कि पहले यह मैदान बच्चों से भरा रहता था। शाम को यहां क्रिकेट, फुटबॉल खेला जाता था। लेकिन अब यहां का माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब कोई भी अपने बच्चों को यहां खेलने नहीं भेजता।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई बार पुलिस को शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। हर बार शिकायत के बाद कुछ दिनों के लिए शांति रहती है, फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।

एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों पक्षों के नेताओं के राजनीतिक संपर्क होने के कारण पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती। जब तक राजनीतिक दबाव रहेगा, तब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा।

राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी

इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों पक्षों के नेता अपनी-अपनी पार्टी का नाम लेकर इलाके में अशांति फैला रहे हैं। लेकिन पार्टी के बड़े नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर पार्टियों को अपने कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। अगर कोई कार्यकर्ता असामाजिक गतिविधियों में लिप्त है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आगे की राह

इस घटना के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। खेल के मैदान को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराना होगा। पुलिस को नियमित गश्त बढ़ानी होगी। दोनों पक्षों के दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

साथ ही, राजनीतिक दलों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्हें ऐसे कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालना होगा जो समाज में अशांति फैला रहे हैं। तभी इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सकती है।

इलाके के लोगों को भी एकजुट होकर इन असामाजिक तत्वों का विरोध करना होगा। उन्हें पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा। तभी खेल का मैदान फिर से बच्चों के लिए सुरक्षित बन सकता है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।