खड़गपुर में दिलीप घोष का बड़ा बयान, कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
Dilip Ghosh Kharagpur law and order Bengal: खड़गपुर (पश्चिम मेदिनीपुर)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने खड़गपुर में एक चाय-चर्चा के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और आसन्न चुनावों के माहौल को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कई मुद्दों पर सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लिया।
नामांकन में दिग्गजों की मौजूदगी की संभावना
नामांकन दाखिल करने के अवसर पर दिलीप घोष ने बताया कि इस अहम दिन कई बड़े नेताओं के आने की संभावना है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और केंद्र तथा राज्यस्तर के नेतृत्व की उपस्थिति का उल्लेख किया।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल, प्रशासन और आयोग पर दबाव
कालियाचक हिंसा पर सवाल
मालदा के कालियाचक कांड पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी के जवाब में घोष ने पूछा, “किन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है?” उन्होंने आरोप लगाया कि कालियाचक, सुजापुर और मोथाबाड़ी इलाकों में लंबे समय से भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। उनके अनुसार, हिंदू शोभायात्राओं पर हमले की घटनाएँ पहले भी कई बार हो चुकी हैं। हनुमान जयंती के दौरान अखाड़ा उद्घाटन के वक्त हुए हमले का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
“बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं”
कड़े शब्दों में उन्होंने कहा, “बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं।” उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य सरकार ने क्या किया। उनका दावा है कि राज्य के विभिन्न जिलों में दंगे, बमबाज़ी और हथियारों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और बाहरी अपराधी भी यहाँ शरण ले रहे हैं।
चुनावी प्रचार में भी पक्षपात का आरोप
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि खड़गपुर में भाजपा के लगाए गए फ्लेक्स और बैनर रात के अँधेरे में फाड़े जा रहे हैं, जबकि तृणमूल प्रत्याशी के मामले में ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “अगर यही हाल रहा, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होगा?”
आने वाले दिनों में नामांकन और चुनाव प्रचार के साथ यह राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल