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“PM मोदी से डरते हैं राघव चड्ढा” AAP के गंभीर आरोप, उपनेता पद से हटाने के पीछे बताई ये बड़ी वजह

AAP में बवाल! राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी छीनी, बढ़ी सियासी दरार
AAP में बवाल! राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी छीनी, बढ़ी सियासी दरार

AAP और राघव चड्ढा के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी ने उन पर पीएम मोदी से डरने और अहम मुद्दों से बचने के आरोप लगाए हैं। वहीं चड्ढा खुद को जनता की आवाज बता रहे हैं, जिससे सियासी घमासान और तेज हो गया है।

Updated:

AAP vs Raghav Chadda: आम आदमी पार्टी के भीतर सियासी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव तेज होता दिख रहा है, जिससे राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं और संसद में मिलने वाले अपने वक्त का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। AAP के नेताओं ने आरोप लगाया कि वह अहम राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय “समोसे सस्ते कराने” जैसे विषयों पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

AAP ने राघव चड्डा पर लगाए गंभीर आरोप

पार्टी ने यह भी दावा किया कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था, तब राघव चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इसे पार्टी ने उनकी “निष्क्रियता” और “गंभीर मुद्दों से दूरी” के तौर पर पेश किया है। इन आरोपों के बीच AAP ने गुरुवार को राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उन्हें उपनेता पद से हटाने की औपचारिक प्रक्रिया भी पूरी कर दी।

राघव चड्ढा ने क्या कहा?

इधर राघव चड्ढा ने भी एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।” यह सिर्फ एक शेर नहीं, बल्कि उनकी मौजूदा स्थिति का साफ इशारा था।

राघव चड्ढा ने साफ कहा कि जब-जब उन्हें संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने आम जनता के मुद्दों को उठाया। चाहे एयरपोर्ट पर महंगे खाने की बात हो, जोमैटो डिलीवरी बॉय की समस्याएं हों या टोल टैक्स और बैंक चार्ज जैसे रोजमर्रा के मुद्दे। गौरतलब है कि उन्होंने उन बातों को हमेशा संसद में जगह दी, जो आमतौर पर अनदेखी रह जाती हैं। ऐसे में अब राघव चड्डा ने बड़ा सवाल उठाया है कि क्या जनता के मुद्दों को उठाना अपराध है?

आरोप-प्रत्यारोप शुरू

इस बयानबाजी के बाद अब दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां एक तरफ चड्ढा खुद को जनता की आवाज बता रहे हैं, वहीं पार्टी उन्हें जिम्मेदारियों से दूर भागने वाला नेता साबित करने की कोशिश कर रही है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

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