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ToggleKerala ED Raid: केरल की राजनीति में आज बुधवार सुबह उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के घर समेत राज्यभर के कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई विजयन की बेटी टी. वीणा की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस और निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी की टीम ने कन्नूर और तिरुवनंतपुरम स्थित पिनराई विजयन के आवासों पर छापा मारा। तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित किराए के घर में भी तलाशी ली गई, जहां विजयन फिलहाल अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि रेड के दौरान विजयन और उनका परिवार घर पर ही मौजूद था।
पूरे केरल मेंमित नहीं रही। एजेंसी ने पूरे केरल में करीब 12 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्व पर्यटन मंत्री और वीणा विजयन के पति पीए मोहम्मद रियास का घर, CMRL कंपनी से जुड़े लोगों के ठिकाने और अन्य संबंधित परिसरों को भी शामिल किया गया। जांच एजेंसी डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पूरे केरल में 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
ईडी की कार्रवाई सिर्फ विजयन परिवार तक सीमित नहीं रही। एजेंसी ने पूरे केरल में करीब 12 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्व पर्यटन मंत्री और वीणा विजयन के पति पीए मोहम्मद रियास का घर, CMRL कंपनी से जुड़े लोगों के ठिकाने और अन्य संबंधित परिसरों को भी शामिल किया गया। जांच एजेंसी डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला ?
असल में यह मामला एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस और CMRL के बीच हुए पैसों के लेनदेन से जुड़ा है। आरोप है कि 2017 से 2021 के बीच CMRL ने वीणा विजयन की कंपनी को हर महीने बड़ी रकम “रिटेनर फीस” के रूप में दी, जबकि बदले में कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई। जांच एजेंसियों को शक है कि यह भुगतान सिर्फ कागजों पर दिखाया गया था।
इस विवाद की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एक्सालॉजिक को करीब 1.72 करोड़ रुपये मिले थे। बाद में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने मामले की जांच शुरू की और अपनी रिपोर्ट में टी. वीणा समेत कई लोगों को आरोपी बनाया। एजेंसी के मुताबिक कंपनी को कुल 2.70 करोड़ रुपये तक का भुगतान हुआ था।
केरल हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
2025 में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने वीणा विजयन के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत केस चलाने की मंजूरी दी थी। इसके बाद उनसे दिल्ली में पूछताछ भी हुई थी। अब केरल हाईकोर्ट द्वारा ईडी को जांच आगे बढ़ाने की अनुमति मिलने के कुछ घंटों बाद ही छापेमारी तेज हो गई।
हालांकि पिनराई विजयन और उनकी बेटी लगातार सभी आरोपों को गलत बताते रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों कंपनियों के बीच हुआ समझौता पूरी तरह कानूनी था और सभी भुगतान बैंक के जरिए किए गए थे। लेकिन ईडी की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है और आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।