Bihar MLC Election 2026: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 खाली हो रही सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस ऐलान के साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में जोड़-तोड़ और रणनीति का दौर शुरू हो गया है। विधानसभा कोटे से होने वाले इन चुनावों को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए कई सीटों पर परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, लेकिन उम्मीदवार चयन को लेकर अंदरखाने जबरदस्त खींचतान जारी है। कई नेता टिकट पाने के लिए सक्रिय हो चुके हैं और पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
सम्राट चौधरी समेत इन 9 नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार विधान परिषद की जिन 9 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें सम्राट चौधरी समेत डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारुख, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह और सुनील कुमार सिंह के नाम शामिल हैं। इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिलेगा या पुराने दिग्गज फिर वापसी करेंगे, इसको लेकर राजनीतिक दलों के भीतर गहन मंथन शुरू हो चुका है।
नीतीश कुमार की खाली हुई सीट पर उपचुनाव
सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली हुई सीट को लेकर हो रही है। उनके पद त्यागने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी, जिस पर अब उपचुनाव कराया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इस पर एनडीए और महागठबंधन दोनों की नजर टिकी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट का परिणाम आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का नया संकेत दे सकता है।
18 जून को मतदान
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, 1 जून 2026 को अधिसूचना जारी की जाएगी। इसी दिन से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच और वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा। खास बात यह है कि मतदान खत्म होते ही उसी दिन मतगणना भी होगी और देर शाम तक सभी सीटों के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।