जरूर पढ़ें

Kolkata News: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज

SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज (Photo: RB / Ekbal)

SFI press conference West Bengal education crisis: कोलकाता में एसएफआई ने पत्रकार सम्मेलन कर राज्य की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा की तारीख, छात्र संघ चुनाव और स्कॉलरशिप को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि छात्रों को लगातार परेशानी हो रही है और सरकारी शिक्षा कमजोर हो रही है। एसएफआई ने जल्द छात्र संघ चुनाव कराने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

Updated:

राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर छात्रों का बड़ा सवाल

SFI press conference West Bengal education crisis: कोलकाता: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए।

एसएफआई ने बताया कि 28 तारीख को ईद-उल-जुहा का पर्व होने के बावजूद पहले उसी दिन परीक्षा रखी गई थी, जिससे छात्रों को परेशानी हुई। अब 29 तारीख को कोलकाता विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की परीक्षा रखी गई है। संगठन का सवाल है  महज एक दिन में छात्र घर कैसे लौटेंगे? एसएफआई ने इस मामले में राज्य के शिक्षा सचिव से हस्तक्षेप की मांग की है, क्योंकि राज्य में फिलहाल कोई शिक्षा मंत्री नहीं है।

SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज (Photo: RB / Ekbal)
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज (Photo: RB / Ekbal)
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज (Photo: RB / Ekbal)

छात्रवृत्ति में पैसे नहीं

संगठन ने बताया कि स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना में छात्रों के नाम तो दर्ज हैं, लेकिन पैसा नहीं मिल रहा। एसएफआई ने इसे सरकारी शिक्षा की उपेक्षा का प्रमाण बताया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार निजी शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, जबकि सरकारी स्कूल खाली पड़े हैं।

बीजेपी और त्रिपुरा पर निशाना

एसएफआई ने कहा कि त्रिपुरा में बीजेपी ने शिक्षा क्षेत्र को जो नुकसान पहुंचाया, वही स्थिति अब बंगाल में भी दिख रही है। संगठन ने बीजेपी के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

छात्र संघ चुनाव जल्द कराने की उठी मांग

एसएफआई ने मांग की कि क्रिकेट विश्वकप के मैच दूरदर्शन के जरिए आम जनता को दिखाए जाएं, ताकि 140 करोड़ लोग इसका आनंद ले सकें। संगठन ने जय शाह से इस दिशा में कदम उठाने की अपील की।

छात्र संसद चुनाव की मांग

एसएफआई ने तत्काल छात्र संसद चुनाव कराने की मांग रखी। संगठन ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा “वोट आता है, वोट जाता है, कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी का सवाल बना रहता है।”

संगठन ने कहा कि सरकार ने जिस युवा समाज को चिन्हित किया, उन्हें अपने ही कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी का नाम नहीं पता  यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

एसएफआई ने स्पष्ट किया कि यदि इन मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज (Photo: RB / Ekbal)
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज
SFI press conference West Bengal education crisis: शिक्षा व्यवस्था को लेकर एसएफआई का बड़ा सवाल, छात्र संघ चुनाव की मांग तेज (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है।

वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं।

भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज।
• राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।
• खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना।
• जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।