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बस कुछ दिन का इंतजार, इस दिन खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, जोरों-शोरों से चल रही तैयारी

बस कुछ दिन का इंतजार, इस दिन खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, जोरों-शोरों से चल रही तैयारी
बस कुछ दिन का इंतजार, इस दिन खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, जोरों-शोरों से चल रही तैयारी (File Photo)

Kedarnath Dham Opening Date: बस कुछ दिन बाद केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। डोली यात्रा की तैयारियां तेज हैं। प्रशासन बर्फ हटाने और रास्ते दुरुस्त करने में जुटा है, ताकि यात्रा सुचारु रूप से हो सके और भक्तों को दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो।

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Kedarnath Dham Opening Date: उत्तराखंड की पवित्र वादियों में एक बार फिर आस्था की गूंज सुनाई देने वाली है। चार धामों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जैसे-जैसे तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे भक्तों के दिलों में उत्साह और भक्ति का भाव और भी गहरा होता जा रहा है।

इस शुभ तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के दिन की गई थी। हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदार की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी।

पिछले साल 2 मई को खुले थे कपाट

पिछले साल 2025 में केदारनाथ के कपाट 2 मई को खुले थे और करीब छह महीने तक लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। 23 अक्टूबर को शीतकाल के लिए कपाट बंद हो गए थे, जिसके बाद बाबा की गद्दी उखीमठ में ही विराजमान रही।

केदारनाथ धाम से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, पाडवों ने महाभारत युद्ध के बाद अपने पापों के प्रायश्चित के लिए भगवान शिव की तलाश की थी। शिवजी उनसे बचने के लिए बैल का रूप धारण कर यहां पहुंचे थे। भीम ने उन्हें पहचान लिया और उनके कूबड़ को पकड़ लिया। उसी स्थान पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।

केदारनाथ धाम का संबंध पंचकेदार से भी है, जिसमें तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मद्महेश्वर और कल्पेश्वर शामिल हैं। मान्यता है कि शिव के शरीर के अलग-अलग अंग इन स्थानों पर प्रकट हुए थे।

जोरों-शोरों से तैयारी में जुटा प्रशासन

अब जबकि यात्रा शुरू होने में महज कुछ ही दिन बचे हैं, प्रशासन तैयारियों में जुटा है। भारी बर्फबारी के कारण रास्ते अब भी कई जगह बंद हैं, लेकिन उन्हें साफ करने का काम तेजी से चल रहा है। मौसम की चुनौतियों के बावजूद कोशिश यही है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

18 अप्रैल से डोली यात्रा की शुरुआत होगी। उखीमठ से निकलकर यह यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी। और फिर 22 अप्रैल की सुबह, जैसे ही मंदिर के कपाट खुलेंगे, पूरा वातावरण “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठेगा।

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Dipali Kumari

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