बलरामपुर में बम मिलने से इलाके में बढ़ा डर और तनाव
Garbeta Balrampur bomb recovery Paschim Medinipur: पश्चिम मेदिनीपुर: राष्ट्रपति शासन के बीच पश्चिम बंगाल के गड़बेता क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है। गड़बेता की पूर्व विधायिका उत्तरा सिंह हाजरा के प्रभाव क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले बड़मुड़ा अंचल के बलरामपुर में पुलिस ने बड़ी मात्रा में ताजे और शक्तिशाली बम बरामद किए हैं। इस घटना से पूरे पश्चिम मेदिनीपुर जिले में हड़कंप मच गया है।
संवाददाता इकबाल के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर छापा मारा और झाड़ियों की आड़ में एक के बाद एक सजाए गए बम बरामद किए। फिलहाल प्रशासन ने इन बमों को निष्क्रिय करने का काम शुरू कर दिया है।

पुलिस जांच के बाद राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तरा सिंह हाजरा बम और आतंक के बल पर अपनी राजनीतिक जमीन बचाए हुए थीं? और क्या इसमें पुलिस की मिलीभगत थी? इससे यह भी जोड़कर देखा जा रहा है कि क्या उनके किसी करीबी को गड़बेता थाने के उच्च पद पर इसीलिए बैठाया गया था? लोग यह भी पूछ रहे हैं कि यदि राष्ट्रपति शासन नहीं होता, तो क्या ये बम कभी बरामद हो पाते?
क्षेत्र के निवासियों में गहरा आतंक है। आशंका जताई जा रही है कि इन मारक हथियारों को किसी बड़े खूनी संघर्ष या तोड़फोड़ की साजिश के तहत जमा किया गया था। यह घटना साबित करती है कि गड़बेता की धरती पर ‘बारूद-राजनीति’ की जड़ें कितनी गहरी थीं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मारक हथियार जखीरे के पीछे के प्रभावशाली लोगों का भंडाफोड़ करता है या नहीं।

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल