Rashtra Bharat Logo

Diwali Celebration

suggest catogries politic or not whihc state distrcit

मूक-बधिर बच्चों ने दीपोत्सव और रंगोली के माध्यम से मतदान का संदेश दिया

मूक-बधिर बच्चों ने लोकतंत्र को सशक्त बनाने का संदेश दिया सिवान शहर के राजवंशी नगर स्थित पुलिस अधीक्षक आवास के समीप सेवा समर्पण संस्थान द्वारा संचालित रॉयल डेफ पब्लिक स्कूल में हाल ही में दीपोत्सव एवं मतदान उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह मूक-बधिर बच्चों द्वारा लोकतंत्र के प्रति जागरूकता फैलाने का अनूठा प्रयास भी था। बच्चों ने रंगोली, दीप सजावट और कला के माध्यम से एक संदेश दिया कि लोकतंत्र में हर मतदाता की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर बच्चों ने अराध्या चित्र कला के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन

Updated:
Diwali 2025: दीपावली की सही तिथि क्या है? जानिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और परंपराएं

Diwali 2025: 20 या 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी दिवाली? जानिए सटीक तिथि, लक्ष्मी पूजन मुहूर्त और विधि-विधान

दीपावली 2025: तिथि, मुहूर्त और आध्यात्मिक महत्त्व भारत और विश्वभर में बसे भारतीयों के लिए दीपावली का पर्व केवल रोशनी का नहीं, बल्कि आशा, समृद्धि और नवीनीकरण का प्रतीक है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों में यह उत्सुकता है कि “दीवाली आखिर 20 अक्टूबर को है या 21 अक्टूबर को?”पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में दीपावली सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन अमावस्या तिथि का शुभ संयोग लक्ष्मी पूजन के लिए श्रेष्ठ माना गया है। अमावस्या तिथि और शुभ संयोग 2025 में अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर, सोमवार को प्रातः 03:14 बजे आरंभ होकर 21 अक्टूबर

Updated:
Rangoli Mahotsav Season 4

रंगों की छटा से महका गांधी मैदान, उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ रंगोली महोत्सव सीजन-4

हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ रंगोली महोत्सव सीजन-4 पटना के गांधी मैदान के समीप स्थित पोखरे के प्रांगण में आज 17 अक्टूबर को आराध्या चित्रकला एवं आराध्या पीपल्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित “रंगोली महोत्सव सीजन-4” का भव्य आयोजन हुआ।यह महोत्सव न केवल कला प्रेमियों के लिए उत्सव बन गया, बल्कि पूरे नगर में पारंपरिक भारतीय कला के संरक्षण का संदेश भी फैलाया। रंगों से सजा बिहार का पारंपरिक उत्सव कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों प्रतिभागियों ने अपनी सृजनशीलता का परिचय देते हुए रंग-बिरंगी रंगोलियों का निर्माण किया। पारंपरिक रूप से बनी इन कलाकृतियों में भारतीय संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखी।लोगों ने इन

Updated: