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Stray Dogs

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सार्वजनिक जगहों से हटेंगे आवारा कुत्ते, डॉग लवर्स की सभी याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! सार्वजनिक जगहों से हटेंगे आवारा कुत्ते, डॉग लवर्स की सभी याचिकाएं खारिज

Supreme Court on Stray Dogs: देशभर में लंबे समय से चर्चा का विषय बने आवारा कुत्तों के मामले पर आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया। अदालत ने डॉग लवर्स और पशु अधिकार संगठनों को बड़ा झटका देते हुए उनकी सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने अपने नवंबर 2025 के उस आदेश में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त टिप्पणी

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आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

चंद्रपुर जिले में ताडोबा व्याघ्र परियोजना में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान, 2271 कुत्तों की नसबंदी पूरी

चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना के आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे वन्यजीवों को होने वाले खतरे को देखते हुए एक बड़े अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है बल्कि इंसानों के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। वन्यजीवों पर बढ़ता खतरा ताडोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना के आसपास बसे गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये कुत्ते झुंड बनाकर जंगल में घुसते हैं और वन्यजीवों पर हमला करते हैं। पिछले कुछ समय में हिरण, खरगोश, मोर, लोमड़ी

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आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, कहा- “कब हमला कर दें, कोई नहीं जानता”

Supreme Court Stray Dogs: देशभर में आवारा कुत्तों का मुद्दा कोई नया नहीं है, लेकिन समय के साथ यह समस्या सिर्फ पशु कल्याण तक सीमित नहीं रह गई है। यह अब सीधे तौर पर आम आदमी की सुरक्षा, बच्चों की जिंदगी और सार्वजनिक स्थलों की व्यवस्था से जुड़ चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में इस विषय पर चल रही सुनवाई ने एक बार फिर इस जटिल और संवेदनशील मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने जो टिप्पणियां कीं, वे सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी की तरह भी देखी जा रही हैं। पीठ

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