ईरान इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। देश पहले ही महंगाई, बेरोजगारी, कमजोर मुद्रा और आम लोगों के गुस्से से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में उत्तरी ईरान के अमोल शहर में एक बड़ी डेयरी फैक्ट्री में हुआ जोरदार विस्फोट देश की चिंता को और बढ़ा गया है। यह हादसा सिर्फ एक औद्योगिक घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे ईरान की मौजूदा हालात से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सोमवार को अमोल शहर में स्थित कालेह डेयरी उद्योग परिसर में अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। इस फैक्ट्री को ईरान के बड़े डेयरी उत्पादन केंद्रों में गिना जाता है, इसलिए इस घटना का असर दूर तक महसूस किया गया।
विस्फोट के बाद फैली अफवाहें और डर
सोशल मीडिया पर इस हादसे के कई वीडियो तेजी से वायरल हुए। इन वीडियो में फैक्ट्री से आसमान में उठता काला धुआं साफ दिखाई दे रहा था। जैसे ही यह वीडियो सामने आए, लोगों ने तरह-तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने इसे सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जोड़ दिया, तो कुछ ने इसे किसी साजिश का हिस्सा बताया।
ईरान में पहले से ही हालात बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में किसी भी बड़ी घटना को शक की नजर से देखा जा रहा है। लोगों के बीच डर था कि कहीं यह विस्फोट जानबूझकर तो नहीं कराया गया। हालांकि, शुरुआती खबरों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली।
BREAKING:
The Kalleh Dairy Factory, one of Iran’s largest producers of dairy products, is on fire following a powerful explosion. The entire facility, located near the city of Amol, is engulfed in flames.
There were no reports of casualties or the cause of the fire.
— Visegrád 24 (@visegrad24) January 5, 2026
प्रशासन ने बताया तकनीकी हादसा
ईरानी प्रशासन ने जल्दी ही इस घटना पर सफाई दी। अमोल के मेयर ने बताया कि यह कोई साजिश नहीं बल्कि एक तकनीकी हादसा है। उनके अनुसार, फैक्ट्री के एक हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग करते समय निकली चिंगारी से आग लग गई, जो तेजी से पूरे परिसर में फैल गई।
ईरान की सरकारी प्रसारण संस्था के अनुसार, माजंदरान प्रांत के गवर्नर खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं। आग पर काबू पाने के लिए आसपास के शहरों से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। कई घंटों की मेहनत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
विरोध प्रदर्शनों से नहीं है सीधा संबंध
सरकार और कई मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि इस विस्फोट का देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिर भी, आम जनता के मन में सवाल बने हुए हैं, क्योंकि यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है जब देशभर में गुस्सा और असंतोष चरम पर है।
ईरान में क्यों भड़क रहे हैं विरोध प्रदर्शन
ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर के अंत में तेहरान से हुई थी। व्यापारियों ने बढ़ती महंगाई और कमजोर कारोबार के खिलाफ दुकानें बंद कर दी थीं। धीरे-धीरे यह आंदोलन अन्य शहरों तक फैल गया और इसमें आम लोग भी शामिल हो गए।
समय के साथ इन प्रदर्शनों में आर्थिक मांगों के साथ राजनीतिक नाराजगी भी जुड़ गई। लोग सरकार से बेहतर जीवन, स्थिर अर्थव्यवस्था और रोजगार की मांग कर रहे हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गए, जिनमें जानमाल का नुकसान हुआ है।
जानमाल का नुकसान और गिरफ्तारियां
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या और ज्यादा बताई जा रही है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह टकराव की खबरें भी सामने आई हैं।
कमजोर मुद्रा और बढ़ती महंगाई
ईरान की सबसे बड़ी समस्या उसकी गिरती अर्थव्यवस्था है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और वैश्विक तनावों ने देश की आर्थिक हालत खराब कर दी है। बीते एक साल में ईरानी मुद्रा की कीमत काफी गिर चुकी है। आज हालात यह हैं कि एक डॉलर के बदले लाखों तोमान देने पड़ रहे हैं।
महंगाई लगातार बढ़ रही है। रोजमर्रा की चीजें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। यही वजह है कि लोग सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
सख्ती और अंतरराष्ट्रीय दबाव
ईरानी नेतृत्व ने प्रदर्शनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि अशांति फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। वहीं, अमेरिका की ओर से भी बयान आए हैं, जिससे ईरान और ज्यादा दबाव में है।
इन सबके बीच अमोल की डेयरी फैक्ट्री में हुआ विस्फोट ईरान के लिए एक और चुनौती बन गया है। भले ही इसे तकनीकी हादसा बताया जा रहा हो, लेकिन यह घटना देश की नाजुक स्थिति को साफ दिखाती है।