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पाकिस्तान संग युद्ध न करने की बात’, PM मोदी संग वार्ता को लेकर ट्रंप के बदले स्वर

Trump Modi Talk on Pakistan War Issue
Trump Modi Talk on Pakistan War Issue – भारत-अमेरिका के रिश्तों में फिर दिखा ट्रंप का बदला रुख (File Photo)
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पाकिस्तान संग युद्ध पर चर्चा के दावे से भारत ने किया इंकार

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में एक बार फिर से पुराने घटनाक्रम की पुनरावृत्ति देखने को मिली है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पाकिस्तान के साथ युद्ध न करने के विषय पर चर्चा की है। हालांकि, भारत सरकार ने इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस विषय पर किसी प्रकार की कोई बातचीत नहीं हुई।

ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में दीपावली के अवसर पर आयोजित एक समारोह के दौरान यह दावा किया कि उन्होंने मोदी से फोन पर बातचीत की, जिसमें पाकिस्तान से युद्ध न करने पर चर्चा हुई। इसके तुरंत बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप का यह दावा तथ्यों से परे है।


भारत और अमेरिका के रिश्तों में ‘कथन और खंडन’ का सिलसिला जारी

भारत-अमेरिका के संबंधों में यह कोई नया परिदृश्य नहीं है। कई बार ऐसा हुआ है जब ट्रंप ने मोदी के साथ बातचीत को लेकर सार्वजनिक मंचों पर दावे किए और भारत ने बाद में उन्हें नकार दिया।

16 अक्टूबर को भी ट्रंप ने कहा था कि मोदी ने उनसे रूस से तेल न खरीदने का वादा किया है। भारत ने उस वक्त भी इन बयानों को खारिज करते हुए कहा था कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि है और जहां से आवश्यक होगा, वहीं से तेल खरीदा जाएगा।


दीपावली पर ट्रंप और मोदी की कथित बातचीत

21 अक्टूबर को दीपावली के अवसर पर व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में ट्रंप ने कहा,
“मैंने आज प्रधानमंत्री मोदी से बात की। हमने व्यापार और शांति पर चर्चा की। साथ ही, पाकिस्तान के साथ युद्ध न करने पर भी बात हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच अब कोई युद्ध नहीं है, यह बहुत अच्छा है। मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मेरे अच्छे मित्र हैं।”

ट्रंप के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रंप को दीपावली की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए लिखा —
“माननीय राष्ट्रपति, आपके फोन व हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। हमारे लोकतांत्रिक देश मिलकर विश्व में आशा और प्रकाश का संदेश फैलाते रहें।”

हालांकि, मोदी के इस ट्वीट में पाकिस्तान या किसी युद्ध के विषय का उल्लेख नहीं था।


विदेश मंत्रालय की स्पष्ट प्रतिक्रिया

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच पाकिस्तान को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी नीतियों को किसी बाहरी दबाव में नहीं बनाता।

ऊर्जा नीति पर पूछे जाने पर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए जहां से आवश्यक होगा, वहां से तेल खरीदेगा। यह निर्णय देश के हित और आर्थिक आवश्यकता के अनुरूप लिया जाएगा।


अमेरिका में भारत का बढ़ता प्रभाव

दीपावली समारोह में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा, अमेरिका के भारत में नए राजदूत सार्जियो गोर और कई भारतीय मूल के शीर्ष अमेरिकी अधिकारी शामिल हुए। यह इस बात का प्रतीक है कि भारत-अमेरिका संबंध केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से भी गहराई प्राप्त कर चुके हैं।


भारत की ऊर्जा नीति पर ट्रंप का बदलता स्वर

जहां पहले ट्रंप ने कहा था कि मोदी ने रूस से तेल खरीद रोकने का आश्वासन दिया है, वहीं अब उन्होंने यह कहा कि भारत रूस से तेल की खरीद “कम” कर सकता है। यह परिवर्तन इस बात की ओर संकेत करता है कि ट्रंप अपने पुराने रुख में नरमी लाए हैं।

भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि ऊर्जा की खरीदारी किसी तीसरे देश के निर्देशों पर नहीं, बल्कि अपने आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर की जाएगी।


सारांश: रिश्तों में संवाद, लेकिन आत्मनिर्भर रुख कायम

ट्रंप के बयानों से एक बात स्पष्ट है कि भारत-अमेरिका के बीच संवाद लगातार जारी है, परंतु भारत अपनी विदेश और ऊर्जा नीतियों में स्वायत्त दृष्टिकोण रखता है। चाहे पाकिस्तान का मुद्दा हो या रूस से तेल आयात का, भारत का निर्णय सदैव अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप ही रहेगा।

भारत की विदेश नीति “शांति के साथ शक्ति” के सिद्धांत पर आधारित है, जो किसी भी बाहरी दबाव में नहीं झुकती।

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Asfi Shadab

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