Petrol Diesel Price: हर दिन की शुरुआत अब सिर्फ अलार्म और सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल के नए दाम जानने से भी होती है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी हों, स्कूल छोड़ने वाले अभिभावक हों या फिर छोटे दुकानदार—हर किसी की दिनचर्या इन कीमतों से कहीं न कहीं जुड़ी हुई है। देश में सुबह ठीक 6 बजे तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर के आधार पर तय होते हैं।
ये दाम सिर्फ पेट्रोल पंप के बोर्ड तक सीमित नहीं रहते, बल्कि किराए, सब्जियों के भाव और रोजमर्रा के खर्चों तक असर डालते हैं।
कीमतें तय होने की प्रक्रिया क्या है
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेल विपणन कंपनियां तय करती हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, परिवहन लागत, केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स और डीलर का कमीशन शामिल होता है। सरकार की ओर से अपनाई गई यह प्रणाली पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि उपभोक्ताओं को रोजाना सटीक जानकारी मिल सके।
हालांकि आम उपभोक्ता के लिए यह प्रक्रिया जटिल लग सकती है, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति की जेब पर साफ नजर आता है।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
25 जनवरी 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम इस प्रकार रहे। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर दर्ज किया गया। मुंबई में पेट्रोल ₹104.21 और डीजल ₹92.15 रहा, जबकि कोलकाता में पेट्रोल ₹103.94 और डीजल ₹90.76 प्रति लीटर रहा।
चेन्नई में पेट्रोल ₹100.75 और डीजल ₹92.34 के स्तर पर रहा। बेंगलुरु में पेट्रोल ₹102.92 और डीजल ₹89.02 दर्ज किया गया। हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46 और डीजल ₹95.70 ने आम लोगों की चिंता बढ़ाई।
उत्तर भारत की बात करें तो जयपुर में पेट्रोल ₹104.72 और डीजल ₹90.21, लखनऊ में पेट्रोल ₹94.69 और डीजल ₹87.80 रहा। पटना में पेट्रोल ₹105.58 और डीजल ₹93.80 दर्ज किया गया, जो बिहार के लोगों के लिए अहम जानकारी है।
शहरों के बीच दामों में अंतर क्यों
अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि एक ही देश में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। इसका सीधा कारण राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और स्थानीय कर हैं। हर राज्य का टैक्स ढांचा अलग होता है, जिसकी वजह से कीमतों में फर्क देखने को मिलता है।
यही कारण है कि मुंबई, हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत दिल्ली की तुलना में अधिक नजर आती है।
पिछले दो साल से कीमतें लगभग स्थिर क्यों हैं
मई 2022 के बाद से केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में कटौती की थी। इसके बाद से देशभर में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम भले ही ऊपर-नीचे होते रहे हों, लेकिन घरेलू स्तर पर कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं।
सरकार की यह नीति आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से अपनाई गई थी, ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके।
आम आदमी की जिंदगी पर असर
पेट्रोल और डीजल सिर्फ वाहन चलाने का ईंधन नहीं हैं, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ट्रांसपोर्ट महंगा होता है तो उसका असर सब्जियों, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। इसलिए ईंधन की कीमतों में स्थिरता आम आदमी के लिए राहत की खबर मानी जाती है।
हर परिवार की मासिक बजट योजना कहीं न कहीं पेट्रोल-डीजल के खर्च से जुड़ी होती है।
आगे क्या रह सकते हैं संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकार की नीतियों पर निर्भर करेंगी। अगर कच्चे तेल के दाम में बड़ी उछाल नहीं आती है, तो फिलहाल कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है।
ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए रोजाना दामों पर नजर रखना और खर्चों की योजना बनाना समझदारी भरा कदम होगा।