Yavatmal Bus Fire: यवतमाल जिले में एक बड़ा हादसा टल गया जब पुणे से यवतमाल आ रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में सवार 27 यात्रियों की जान बस चालक की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले से बच गई। घटना के बाद बस पूरी तरह जलकर राख हो गई, लेकिन किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
घटना का पूरा विवरण
यह घटना महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में हुई। बस पुणे से यवतमाल की ओर जा रही थी। बस में कुल 27 यात्री सवार थे। अचानक बस का एक टायर फट गया। चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। जैसे ही बस रुकी, चालक और कंडक्टर ने देखा कि टायर से धुआं निकल रहा है।
चालक की सतर्कता बनी जीवनदायक
बस चालक ने तुरंत खतरे को भांप लिया। उसने बिना समय गंवाए सभी यात्रियों को बस से उतारने का निर्देश दिया। चालक और कंडक्टर की मदद से सभी 27 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही मिनटों में बस में जोरदार आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरी बस जलकर खाक हो गई।
आग लगने का कारण
शुरुआत में बस का टायर फटा। टायर फटने की वजह से घर्षण बढ़ गया और गर्मी पैदा हुई। इसी गर्मी ने आग को जन्म दिया। बस में मौजूद ईंधन और अन्य ज्वलनशील सामान की वजह से आग तेजी से फैल गई। स्थानीय अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
यात्रियों ने जताया आभार
Yavatmal Bus Fire: सभी यात्रियों ने बस चालक की सराहना की। उनका कहना है कि अगर चालक ने समय पर फैसला नहीं लिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। यात्रियों ने कहा कि चालक ने बिल्कुल भी घबराहट नहीं दिखाई और बहुत ही संयमित तरीके से सभी को बचाया।
प्रशासन की तैयारी जरूरी
इस घटना के बाद सवाल उठता है कि बसों की नियमित जांच कितनी जरूरी है। टायर की गुणवत्ता, बस की फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है। प्रशासन को चाहिए कि सभी सार्वजनिक वाहनों की समय-समय पर सख्त जांच करे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना एक सबक है कि चालक की सतर्कता और जिम्मेदारी कैसे कई जानें बचा सकती है।