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नागपुर में 1,200 से अधिक अनधिकृत मोबाइल टावर, विधायक दटके ने विधानसभा में उठाया मामला

नागपुर में 1,200 से अधिक अनधिकृत मोबाइल टावर, विधायक दटके ने विधानसभा में उठाया मामला
MCOCA on drug traffickers Nagpur: नागपुर में ड्रग्स तस्करों पर मकोका लगाने की घोषणा, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रवीण दटके के सवाल पर जीरो टॉलरेंस नीति का दिया भरोसा। (File photo)

Nagpur unauthorized mobile towers NMC action: नागपुर में बड़ी संख्या में मोबाइल टावर बिना अनुमति लगाए जाने का मुद्दा विधानसभा में उठा। विधायक Pravin Datke ने बताया कि शहर में लगभग 2000 टावर मौजूद हैं, जिनमें से कई बिना मंजूरी के हैं। इस पर मंत्री Uday Samant ने कहा कि राज्य सरकार 90 दिनों के भीतर मोबाइल टावरों को लेकर नई और स्पष्ट नीति घोषित करेगी।

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Asfi Shadab
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नागपुर में अनधिकृत मोबाइल टावरों का मुद्दा विधानसभा में उठा

Nagpur unauthorized mobile towers NMC action: नागपुर। शहर में बिना अनुमति लगाए गए मोबाइल टावरों का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है। विधायक प्रवीण दटके ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए बताया कि नागपुर महानगरपालिका (NMC) और नागपुर सुधार न्यास (NIT) के क्षेत्र में बड़ी संख्या में मोबाइल टावर बिना किसी आवश्यक अनुमति के स्थापित किए गए हैं।

आंकड़े चौंकाने वाले

दटके के अनुसार, वर्ष 2014 में नागपुर में केवल 175 मोबाइल टावर थे, जो अब बढ़कर 1,000 से अधिक हो गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शहर में इस समय लगभग 2,000 टावर मौजूद हैं। इनमें से केवल 254 टावरों के लिए महानगरपालिका को अनुमति के आवेदन प्राप्त हुए हैं और उनमें से भी मात्र लगभग 100 टावरों को अंतिम मंजूरी मिली है। इसका सीधा अर्थ है कि 1,200 से अधिक टावर पूरी तरह बिना अनुमति के खड़े हैं।

सरकार ने 90 दिनों में नई नीति बनाने का आश्वासन दिया

इनर रिंग रोड पर भी अनियमितता

सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, केवल इनर रिंग रोड पर ही 42 बड़े मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिनमें से कुछ सड़क के डिवाइडर के बीच में भी स्थापित किए गए हैं। आवासीय इमारतों पर लगाए गए टावर 3 से 24 मीटर और जमीन पर लगाए गए टावर 40 मीटर से अधिक ऊंचे होते हैं। बिना स्ट्रक्चरल जांच के इन्हें लगाए जाने से दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है।

करोड़ों का राजस्व नुकसान

विधायक दटके ने आरोप लगाया कि सैकड़ों टावर बिना अनुमति के होने के कारण महानगरपालिका को करोड़ों रुपये के कर और शुल्क का नुकसान हो रहा है।

सरकार का आश्वासन

इस पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने सदन में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार 90 दिनों के भीतर मोबाइल टावरों के लिए एक स्पष्ट नीति घोषित करेगी।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार की घोषित नीति कब तक अमल में आती है और अनधिकृत टावरों पर वास्तविक कार्रवाई कब शुरू होती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।