महाराष्ट्र पुलिस की जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक बनाने की नई पहल

Maharashtra Police AI investigation platform: महाराष्ट्र सरकार की संस्था मार्वेल द्वारा एआई आधारित “एआई इन्वेस्टिगेशन प्लेटफॉर्म” विकसित किया जा रहा है। यह प्रणाली पुलिस जांच, बयान दर्ज करने, साक्ष्य सुरक्षा और आरोपपत्र जांच में मदद करेगी। ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग से साक्ष्यों की सुरक्षा बढ़ेगी। शुरुआत में इसे दो पुलिस इकाइयों में पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा।
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एआई तकनीक से पुलिस जांच में आएगा बड़ा बदलाव
Maharashtra Police AI investigation platform: महाराष्ट्र सरकार की विशेष प्रयोजन संस्था ‘मार्वेल’ राज्य पुलिस के लिए एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित “एआई इन्वेस्टिगेशन प्लेटफॉर्म” विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य अपराधों की जांच को अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनाना है। पहले चरण में इसे दो पुलिस यूनिटों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद पूरे महाराष्ट्र में इसे विस्तार देने पर विचार होगा।
मार्वेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म में शिकायतकर्ता, पीड़ित और गवाहों के ऑडियो-वीडियो बयान स्वतः लिखित रूप में परिवर्तित किए जा सकेंगे। जांच की एक मानकीकृत रूपरेखा भी तैयार होगी, जो पुलिस की कार्यप्रणाली और उच्चतम व उच्च न्यायालयों के दिशा-निर्देशों पर आधारित होगी।
साक्ष्यों की सुरक्षा और जांच प्रक्रिया होगी अधिक मजबूत
प्लेटफॉर्म का प्रमुख घटक “इन्वेस्टिगेशन को-पायलट” होगा। यह जांच अधिकारियों को अपराध की प्रकृति के अनुसार जांच की दिशा, साक्ष्यों के मूल्यांकन, लागू कानूनों और पुलिस प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन देगा। आरोपपत्र दाखिल करने से पहले संभावित त्रुटियों की पहचान भी इसी के जरिए होगी।
साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित “चेन ऑफ कस्टडी” प्रणाली प्रस्तावित है। इससे डिजिटल, ऑडियो और भौतिक साक्ष्यों की हर प्रक्रिया का सुरक्षित रिकॉर्ड रखा जाएगा और छेड़छाड़ की संभावना न्यूनतम होगी। पूरी व्यवस्था राज्य के भीतर स्थापित बाहरी इंटरनेट से पृथक सुरक्षित सर्वर पर संचालित होगी।

