नागपुर में रायगढ़ से जिंजी तक स्वराज्य के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती भव्य किला प्रदर्शनी

Hindu Samrajya Diwas fort exhibition Nagpur: नागपुर में हिंदू साम्राज्य दिवस के अवसर पर भव्य किला प्रदर्शनी आयोजित की गई है। इसमें रायगढ़ से जिंजी तक के किलों की प्रतिकृतियों के माध्यम से स्वराज्य के इतिहास को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी में छत्रपति शिवाजी महाराज, राजाराम महाराज, संताजी घोरपड़े और धनाजी जाधव के योगदान तथा मराठा संघर्ष की जानकारी दी जा रही है।
विषयसूची
स्वराज्य के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
Hindu Samrajya Diwas fort exhibition Nagpur: नागपुर में हिंदू साम्राज्य दिवस के अवसर पर श्री शिवराज्याभिषेक सोहळा समिति एवं किल्लेदार प्रतिष्ठान द्वारा एक भव्य किला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में रायगढ़ किले से लेकर दक्षिण भारत स्थित जिंजी किले तक की आकर्षक प्रतिकृतियां प्रस्तुत की गई हैं।
प्रदर्शनी का उद्देश्य मराठा साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसमें यह दर्शाया गया है कि छत्रपति संभाजी महाराज की वीरगति के बाद किस प्रकार स्वराज्य ने पुनः शक्ति प्राप्त की। साथ ही, मराठा किलों ने किस तरह मुगल बादशाह औरंगजेब को दीर्घकाल तक चुनौती दी यह भी इस प्रस्तुति में उजागर किया गया है। छत्रपति राजाराम महाराज की रणनीतियां तथा संताजी घोरपड़े और धनाजी जाधव जैसे सेनानायकों का पराक्रम इस प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण हैं।
रायगढ़ से जिंजी तक के किलों ने कैसे मजबूत किया स्वराज्य का संघर्ष
शिवराज्याभिषेक के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज ने दक्षिण दिग्विजय अभियान के तहत गोलकुंडा के कुतुबशाह से मैत्री स्थापित की और तमिलनाडु स्थित जिंजी किले को जीतकर सुदृढ़ बनाया। संभाजी महाराज की हत्या के बाद राजाराम महाराज ने जिंजी को आश्रय बनाकर लगभग आठ वर्षों तक मुगलों को कड़ी चुनौती दी।
प्रदर्शनी में प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक किलों के संबंध में विशेष जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जाता है। समिति ने नागपुर के सभी दुर्गप्रेमियों और शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

