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Maharashtra News: विदर्भ में बढ़ते नशे के जाल पर सरकार से जवाब की मांग

Maharashtra News: विदर्भ में बढ़ते नशे के जाल पर सरकार से जवाब की मांग
Vidarbha Drugs Free Maharashtra Campaign: विदर्भ में बढ़ते नशे के जाल पर सरकार से जवाब की मांग (Image: AI)

Vidarbha Drugs Free Maharashtra Campaign: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में डॉ. नितिन राऊत ने विदर्भ में बढ़ती नशीले पदार्थों की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से कार्रवाई और आंकड़ों की जानकारी मांगी। जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘ड्रग्स मुक्त महाराष्ट्र’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। साथ ही सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने और पुरस्कार योजना लागू करने की बात कही।

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Asfi Shadab
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विदर्भ में नशे के बढ़ते कारोबार पर विधानसभा में चर्चा

Vidarbha Drugs Free Maharashtra Campaign: मुंबई/नागपुर, 23 जून। विधानसभा के मानसून सत्र में विदर्भ क्षेत्र में बढ़ती मादक पदार्थों की समस्या को लेकर तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक डॉ. नितिन राऊत ने नागपुर, गड़चिरोली, यवतमाल और वर्धा जिलों में नशीले पदार्थों के तेजी से फैलते जाल पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

राऊत के सवाल

डॉ. राऊत ने सदन में बताया कि राज्य सरकार के अनुसार वर्ष 2025 में 523 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए गए। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि इनमें विदर्भ क्षेत्र का अलग हिसाब सदन के सामने क्यों नहीं रखा गया। उन्होंने विदर्भ के लिए अलग नारकोटिक्स विरोधी विशेष इकाइयों, उनके मानवबल और कार्रवाई का पूरा विवरण मांगा।

विधायक ने यह भी बताया कि कॉलेज विद्यार्थियों के पास एलएसडी जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ पाए जा रहे हैं। ‘जॉम्बी ड्रग्स’ जैसे घातक पदार्थ भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। उनके अनुसार स्थानीय स्तर पर जागरूकता, प्रशिक्षण और सूचना तंत्र की कमी के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही।

ड्रग्स मुक्त महाराष्ट्र अभियान को लेकर सरकार की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही व्यापक ‘ड्रग्स मुक्त महाराष्ट्र’ अभियान शुरू करेगी। नशीले पदार्थों की सूचना देने वाले मुखबिरों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उपयोगी जानकारी देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फिलहाल सात विशेष नारकोटिक्स विरोधी इकाइयाँ सक्रिय हैं, जिनमें 369 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। इन इकाइयों का विकेंद्रीकरण कर विभिन्न क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि सरकार की यह घोषणाएँ विदर्भ के युवाओं तक कितनी जल्दी और कितने असरदार तरीके से पहुँचती हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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