नागपुर: MOIL और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के बीच MOU – खदान क्षेत्र के मरीजों को मिलेगा मुफ्त घुटना प्रत्यारोपण

MOIL IGGMCH MOU Free knee replacement surgery Nagpur: नागपुर में जरूरतमंद मरीजों के लिए घुटना और जोड़ प्रत्यारोपण की निःशुल्क सर्जरी उपलब्ध कराने के लिए विशेष मिशन शुरू किया गया है। MOIL Limited और इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के बीच हुए समझौते के तहत खदान क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों के पात्र मरीजों को इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
विषयसूची
नागपुर में जरूरतमंद मरीजों के लिए घुटना प्रत्यारोपण का विशेष मिशन शुरू
MOIL IGGMCH MOU Free knee replacement surgery Nagpur: नागपुर, महाराष्ट्र। राज्य में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की पात्रता से वंचित रह जाने वाले घुटना और जोड़ प्रत्यारोपण के जरूरतमंद मरीजों के लिए अब एक विशेष पहल की गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में MOIL Limited और इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (IGGMCH) के बीच एक सामंजस्य करार (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस समझौते के तहत नागपुर और भंडारा जिलों में संचालित खदानों के 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले जरूरतमंद मरीजों, ग्रामीण क्षेत्रों के रोगियों और IGGMCH में उपचार लेने वाले पात्र मरीजों को घुटना एवं जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. रवी चव्हाण ने बताया कि “इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को विशेष लाभ मिलेगा।”
सरकारी योजनाओं से बाहर मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज
महाराष्ट्र में 40 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 4 करोड़ नागरिकों में करीब 40 लाख लोग संधिवात, घुटनों के दर्द और जोड़ों की समस्याओं से पीड़ित हैं, जिनमें से लगभग 10 लाख को जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी की आवश्यकता है। राज्य सरकार पहले से महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सहायता दे रही है, परंतु जो मरीज इन योजनाओं की पात्रता में नहीं आते, उन्हें अब इस MOU से राहत मिलेगी।
वर्तमान में नागपुर जिले में चार और भंडारा जिले में दो स्थानों पर खदानें संचालित हैं। इन क्षेत्रों में आदिवासी आबादी अधिक होने के कारण उन्हें भी इस योजना का व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग, IGGMCH और MOIL के संयुक्त सहयोग से खदान क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर पात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

