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अजित पवार विमान हादसे पर सियासत गरमाई, ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला ने की जांच की मांग

अजित पवार विमान हादसे पर सियासत गरमाई, ममता बनर्जी ने की जांच की मांग
अजित पवार विमान हादसे पर सियासत गरमाई, ममता बनर्जी ने की जांच की मांग

बारामती विमान हादसे पर सियासत तेज हो गई है। ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला ने इसे संदिग्ध बताते हुए हाई लेवल जांच की मांग की है। वहीं एकनाथ शिंदे ने अजित पवार को कर्मठ नेता बताते हुए जांच की जरूरत पर सहमति जताई है।

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Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे ने अब केवल एक दुर्घटना तक सीमित न रहकर देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस हादसे के बाद जहां एक ओर शोक और संवेदना का माहौल है, वहीं दूसरी ओर इसके कारणों को लेकर सवाल भी तेज़ी से उठने लगे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को केवल एक सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग कर सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है।

राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे अजित पवार की मौत ने न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में राजनीतिक गलियारों को झकझोर दिया है। सवाल यह नहीं है कि हादसा हुआ कैसे, बल्कि यह भी है कि क्या इसकी हर परत निष्पक्ष तरीके से सामने आएगी।

विमान हादसे से आगे बढ़ी सियासी बहस

बारामती विमान हादसे के बाद शुरुआती प्रतिक्रियाएं शोक और संवेदनाओं तक सीमित थीं, लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीता, इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दायरा बढ़ता गया। विपक्षी दलों और कुछ मुख्यमंत्रियों ने इसे सिर्फ तकनीकी दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए गहन जांच की जरूरत पर जोर दिया।

ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला के बयानों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। अब यह मामला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा सवाल बन गया है।

ममता बनर्जी के तीखे सवाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अजित पवार की मौत की ठीक से जांच होनी चाहिए और इसकी निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जानी चाहिए। ममता बनर्जी के बयान में सिर्फ संवेदना नहीं, बल्कि संदेह की झलक भी साफ दिखाई दी।

उन्होंने इशारों में कहा कि अजित पवार सत्ताधारी गठबंधन महायुति से दूरी बना रहे थे और इस तरह की राजनीतिक परिस्थितियों में हुआ हादसा कई सवाल खड़े करता है। ममता बनर्जी ने कहा कि जब राजनीति में बड़े फैसलों की चर्चा चल रही हो और अचानक ऐसा हादसा हो जाए, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

शरद पवार परिवार के प्रति संवेदना

अपने बयान के दौरान ममता बनर्जी ने शरद पवार और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह खबर उन्हें अंदर तक झकझोर देने वाली है। उनके मुताबिक, राजनीति में मतभेद अलग बात है, लेकिन किसी नेता की इस तरह असमय मृत्यु पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए दुखद है।

ममता का यह बयान एक ओर मानवीय संवेदना को दर्शाता है, तो दूसरी ओर यह संकेत भी देता है कि वह इस घटना को गंभीरता से देख रही हैं।

उमर अब्दुल्ला की पारदर्शी जांच की मांग

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए इसे देश के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार जैसे कद्दावर नेता का इस तरह जाना केवल एक राज्य की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की क्षति है।

उमर अब्दुल्ला ने साफ शब्दों में कहा कि विमान के क्रैश होने के तकनीकी या अन्य कारणों का पूरी तरह से पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि सच सामने आना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

एकनाथ शिंदे ने बताया कर्मठ योद्धा

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सहयोगी को याद करते हुए भावुक शब्दों में श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अजित पवार को कर्मठ और अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि वे समय के बेहद पाबंद थे और काम को लेकर कभी समझौता नहीं करते थे।

शिंदे ने कहा कि अजित पवार की कार्यशैली बाहर से भले ही कड़ी लगती थी, लेकिन अंदर से वे बेहद संवेदनशील और सहयोगी थे। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान अजित पवार के योगदान को भी याद किया और कहा कि कई योजनाओं में उनकी भूमिका अहम रही।

जांच की जरूरत पर सहमति

एकनाथ शिंदे ने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह की घटना की जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। उनके इस बयान से यह स्पष्ट है कि सत्ता पक्ष भी इस हादसे को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।

राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर यदि जांच को प्राथमिकता दी जाती है, तो यह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जाएगा।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।