Gold Silver Price Today: सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन 31 जनवरी को जो गिरावट देखने को मिली, उसने बाजार में हलचल मचा दी है। बीते कुछ दिनों से लगातार चढ़ रहे सोने और चांदी के दाम अचानक इस कदर टूटेंगे, इसकी उम्मीद कम ही निवेशकों को थी। खासकर उन लोगों के लिए यह झटका ज्यादा बड़ा रहा, जिन्होंने हालिया तेजी को देखकर ऊंचे स्तर पर निवेश किया था।
बीते गुरुवार तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी एमसीएक्स पर चांदी ने अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छू लिया था। कीमत 4,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। लेकिन महज 24 घंटे के भीतर यह गिरकर 2,91,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई। यानी एक ही दिन में चांदी करीब 1,29,000 रुपये सस्ती हो गई। इसी तरह सोने के दाम भी 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंचने के बाद अब 1,50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। यह गिरावट मामूली नहीं, बल्कि करीब 30,000 रुपये की है।
एमसीएक्स पर क्यों टूटी कीमतें
पिछले कुछ दिनों से एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा था। गुरुवार को तो बाजार में तेजी का माहौल चरम पर था। निवेशक यह मान बैठे थे कि दाम अभी और ऊपर जाएंगे। लेकिन शुक्रवार को अचानक मुनाफा वसूली शुरू हो गई। जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा कमाया था, उन्होंने बिकवाली को प्राथमिकता दी, जिससे कीमतों पर दबाव बन गया।
अमेरिकी संकेतों का असर
इस गिरावट के पीछे केवल घरेलू कारण ही नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों का भी बड़ा योगदान रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखना और अमेरिका में ऊंची महंगाई दर ने कमोडिटी बाजार की दिशा बदल दी। इन संकेतों के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्पों पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया।
कॉमेक्स पर भी दिखी बड़ी गिरावट
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। कॉमेक्स पर चांदी का भाव जहां $119 प्रति औंस के उच्च स्तर तक पहुंच गया था, वहीं अब यह गिरकर $85.250 प्रति औंस पर आ गया है। इसी तरह सोना, जो $5500 प्रति औंस के पार चला गया था, अब $4,879.60 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। यह साफ दिखाता है कि यह गिरावट वैश्विक स्तर पर आई है।
निवेशकों के मन में बढ़ी बेचैनी
इस अचानक आई गिरावट ने छोटे और मध्यम निवेशकों को सबसे ज्यादा परेशान किया है। कई निवेशकों ने हालिया तेजी को देखकर सोने-चांदी में निवेश बढ़ाया था। अब कीमतों के इस तेज टूटने से उन्हें नुकसान का डर सताने लगा है। बाजार में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह गिरावट कुछ समय के लिए है या आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
क्या कहते हैं बाजार के जानकार
मार्केट एक्सपर्ट्स इस गिरावट को लेकर पहले से संकेत दे रहे थे। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने भी कहा था कि सोने की कीमतें मासिक गिरावट की ओर बढ़ सकती हैं। उन्होंने चांदी में भी बड़ी गिरावट की आशंका जताई थी, जो अब सच साबित होती दिख रही है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक मौका बन सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि साल 2025 में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। इसी आधार पर कई निवेशक आगे भी तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। प्रसिद्ध निवेशक और लेखक रॉबर्ट कियोसाकी पहले ही यह कह चुके हैं कि 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में मौजूदा गिरावट को कुछ लोग अस्थायी मान रहे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर यह सिखाता है कि सोने-चांदी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले निवेश भी जोखिम से पूरी तरह मुक्त नहीं होते। बिना रणनीति और जानकारी के किया गया निवेश नुकसान दे सकता है। ऐसे समय में धैर्य रखना और लंबी अवधि की सोच के साथ फैसले लेना ही समझदारी है।
डिस्क्लेमर: राष्ट्र भारत पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को राष्ट्र भारत की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।