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सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों ने की जमकर बिकवाली

सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों ने की जमकर बिकवाली
Gold Price Today: सोने के भाव में बड़ी गिरावट, जानिए आपके शहर में कितना सस्ता हुआ सोना

Gold Silver Price Crash: शुक्रवार को सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आई। MCX पर चांदी 3.04% और सोना 1.28% गिरा। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद मजबूत अमेरिकी डॉलर और मुनाफा वसूली के कारण यह गिरावट आई। ETF में 14% तक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि में रुझान मजबूत है लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट और निवेशकों की चिंता

Gold Silver Price Crash: शुक्रवार का दिन भारतीय सर्राफा बाजार के लिए बहुत हलचल भरा रहा। पिछले काफी समय से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों में अचानक एक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट ने न केवल आम ग्राहकों को चौंका दिया है, बल्कि उन निवेशकों की भी चिंता बढ़ा दी है जिन्होंने हाल ही में महंगे दामों पर खरीदारी की थी। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट मुनाफावसूली की वजह से आई है, क्योंकि गुरुवार को कीमतें अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं।

एमसीएक्स (MCX) यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया। यह बदलाव केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों में देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी बाजारों में बिकवाली के कारण भारतीय बाजार में भी इसका असर साफ़ दिखाई दे रहा है।

कीमतों में अचानक गिरावट की असली वजह

बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी किसी वस्तु की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती है, तो बड़े व्यापारी और निवेशक अपना मुनाफा काटने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं। गुरुवार को चांदी 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई थी और सोना भी 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया था। इतनी ऊंची कीमतों के बाद बाजार में सुधार आना लाजमी था।

इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी सोने और चांदी पर दबाव बनाया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग कम हो जाती है क्योंकि अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए इसे खरीदना महंगा हो जाता है। इसी कारण कॉमेक्स (Comex) जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी कमी आई है।

निवेशकों और आम जनता पर क्या होगा असर

सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा है। खास तौर पर उन लोगों को झटका लगा है जिन्होंने हाल ही में चांदी में निवेश किया था। बाजार में इस समय काफी अस्थिरता बनी हुई है, जिसे ‘वोलैटिलिटी’ कहा जाता है। इसका मतलब है कि कीमतें बहुत तेजी से ऊपर और नीचे जा रही हैं।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि भारत में सोने की मांग में कमी आ सकती है क्योंकि कीमतें अभी भी सामान्य स्तर से बहुत ज्यादा हैं। शादियों का सीजन होने के बावजूद लोग ऊंचे दामों की वजह से गहने खरीदने में संकोच कर रहे हैं। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि कीमतों में आई यह छोटी गिरावट नए खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका भी हो सकती है।

ईटीएफ (ETF) में भी भारी बिकवाली

सिर्फ बाजार में ही नहीं, बल्कि डिजिटल सोने और चांदी यानी ईटीएफ (ETF) में भी शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई। चांदी पर आधारित कुछ ईटीएफ तो 14 प्रतिशत तक नीचे गिर गए। एसबीआई और कोटक जैसे बड़े फंड हाउस के चांदी ईटीएफ में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। लोगों को डर था कि अगर कीमतें और गिरीं तो उनका मुनाफा खत्म हो जाएगा, इसलिए उन्होंने अपने पैसे निकालना शुरू कर दिया।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था और फेडरल रिजर्व का प्रभाव

Gold Silver Price Crash: इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिका से जुड़ी खबरें भी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के नाम को लेकर की गई चर्चाओं ने बाजार को प्रभावित किया है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका की नई नीतियां ब्याज दरों को लेकर सख्त हो सकती हैं। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं या ऊंची बनी रहती हैं, तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की चमक कम हो जाती है।

भविष्य में क्या उम्मीद करें

भविष्य की बात करें तो सोने और चांदी का रास्ता अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। हालांकि लंबी अवधि के लिए कई बड़े बैंक जैसे यूबीएस (UBS) और ड्यूश बैंक अभी भी सोने पर भरोसा जता रहे हैं। उनका मानना है कि दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से सोना एक सुरक्षित निवेश बना रहेगा।

चांदी को लेकर जानकारों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि उद्योगों में चांदी की बढ़ती मांग इसकी कीमतों को फिर से ऊपर ले जाएगी, वहीं कुछ का कहना है कि आने वाले समय में इसमें और बड़ी गिरावट भी आ सकती है। फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की स्थिति को समझकर ही कोई बड़ा फैसला लें।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।