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Budget 2026: बीड़ी हुई सस्ती तो सिगरेट हुआ महंगा, अब लगेगा 40 प्रतिशत GST

Budget 2026: बीड़ी हुई सस्ती तो सिगरेट हुआ महंगा
Budget 2026: बीड़ी हुई सस्ती तो सिगरेट हुआ महंगा (Credit- Wikipedia)

बजट 2026 में बीड़ी सस्ती और सिगरेट महंगी करने का फैसला लिया गया है। कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। रक्षा, बैटरी और सोलर सेक्टर को राहत देकर सरकार ने स्वास्थ्य और हरित विकास पर जोर दिया है।

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Budget 2026:  रविवार को लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर एक बार फिर इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा और खास बात यह रही कि पहली बार बजट रविवार को संसद में रखा गया। इस बजट का असर सिर्फ बड़े उद्योगों या अर्थव्यवस्था के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी जुड़ा है।

इस बार के बजट में जहां कुछ चीजें सस्ती होने वाली हैं, वहीं कुछ उत्पादों पर खर्च बढ़ना तय है। खासकर बीड़ी, सिगरेट, दवाइयों और आयात शुल्क से जुड़े फैसले लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

बीड़ी पीने वालों को राहत की खबर

बजट 2026 में सरकार ने बीड़ी से जुड़े टैक्स ढांचे में बदलाव किया है, जिससे बीड़ी सस्ती होने जा रही है। देश में बीड़ी का इस्तेमाल बड़ी संख्या में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोग करते हैं। सरकार के इस फैसले को इसी वर्ग पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बीड़ी उद्योग से जुड़े लाखों कारीगर और मजदूर भी इस फैसले से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। बीड़ी सस्ती होने से मांग में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद की जा रही है, जिससे इस सेक्टर में रोजगार पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

सिगरेट और तंबाकू उत्पाद हुए महंगे

जहां बीड़ी सस्ती हुई है, वहीं सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नया एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू कर दिया गया है।

अब तक इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी और कंपेंसेशन सेस लगता था, लेकिन नए ढांचे के तहत अधिकतम 40 प्रतिशत जीएसटी, सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति स्टिक अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और संबंधित सेस लगाया जाएगा। सरकार का साफ संदेश है कि स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों को हतोत्साहित किया जाए।

स्वास्थ्य के मोर्चे पर बजट का मानवीय चेहरा

इस बजट का सबसे संवेदनशील और सकारात्मक पहलू स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा है। वित्त मंत्री ने कैंसर समेत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है।

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जरूरी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। इससे इन दवाओं की कीमत कम होने की उम्मीद है, जो सीधे तौर पर मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आएगा।

दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत

सरकार ने दवाओं और खास मेडिकल जरूरतों के लिए व्यक्तिगत आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने वाली सूची में 7 और दुर्लभ बीमारियों को शामिल करने का प्रस्ताव किया है। यह कदम उन परिवारों के लिए खास मायने रखता है, जो महंगे इलाज के कारण लंबे समय से आर्थिक दबाव में हैं।

रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की तैयारी

बजट 2026 में सिर्फ उपभोक्ताओं ही नहीं, बल्कि रणनीतिक क्षेत्रों को भी राहत दी गई है। रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट पार्ट्स के निर्माण में लगने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है।

इससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

बैटरी और सोलर सेक्टर पर खास फोकस

ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल के निर्माण में लगने वाले कैपिटल गुड्स पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट का दायरा बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। यह फैसला नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की सरकार की मंशा को साफ तौर पर दर्शाता है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।