महाराष्ट्र में गैस सिलेंडर आपूर्ति बनाए रखने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला समितियों का गठन
Maharashtra LPG gas supply: मुंबई, 12 मार्च। ईरान-इज़राइल युद्ध की पृष्ठभूमि में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्यभर में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और जिला स्तर पर विशेष समितियाँ गठित करने का निर्णय लिया है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिल डिग्गीकर ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को एलपीजी आपूर्ति सुचारू बनाए रखने तथा वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला समितियों में कौन होगा शामिल?
युद्ध की स्थिति के बीच सरकार ने गैस आपूर्ति पर बढ़ाई निगरानी
प्रत्येक जिले में गठित इन समितियों में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी और सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे। इन समितियों की जिम्मेदारी होगी — गैस आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
कोई कमी नहीं — सरकार का स्पष्ट आश्वासन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में लगभग 9,000 मीट्रिक टन की दैनिक मांग के मुकाबले उत्पादन बढ़ाकर 11,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। मार्च महीने में पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।
नागरिकों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी।
जिला समितियों की पहली समीक्षा बैठक शीघ्र आयोजित होने की संभावना है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र