नागपुर में अनधिकृत मोबाइल टावरों का मुद्दा विधानसभा में उठा
Nagpur unauthorized mobile towers NMC action: नागपुर। शहर में बिना अनुमति लगाए गए मोबाइल टावरों का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है। विधायक प्रवीण दटके ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए बताया कि नागपुर महानगरपालिका (NMC) और नागपुर सुधार न्यास (NIT) के क्षेत्र में बड़ी संख्या में मोबाइल टावर बिना किसी आवश्यक अनुमति के स्थापित किए गए हैं।
आंकड़े चौंकाने वाले
दटके के अनुसार, वर्ष 2014 में नागपुर में केवल 175 मोबाइल टावर थे, जो अब बढ़कर 1,000 से अधिक हो गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शहर में इस समय लगभग 2,000 टावर मौजूद हैं। इनमें से केवल 254 टावरों के लिए महानगरपालिका को अनुमति के आवेदन प्राप्त हुए हैं और उनमें से भी मात्र लगभग 100 टावरों को अंतिम मंजूरी मिली है। इसका सीधा अर्थ है कि 1,200 से अधिक टावर पूरी तरह बिना अनुमति के खड़े हैं।
सरकार ने 90 दिनों में नई नीति बनाने का आश्वासन दिया
इनर रिंग रोड पर भी अनियमितता
सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, केवल इनर रिंग रोड पर ही 42 बड़े मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिनमें से कुछ सड़क के डिवाइडर के बीच में भी स्थापित किए गए हैं। आवासीय इमारतों पर लगाए गए टावर 3 से 24 मीटर और जमीन पर लगाए गए टावर 40 मीटर से अधिक ऊंचे होते हैं। बिना स्ट्रक्चरल जांच के इन्हें लगाए जाने से दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है।
करोड़ों का राजस्व नुकसान
विधायक दटके ने आरोप लगाया कि सैकड़ों टावर बिना अनुमति के होने के कारण महानगरपालिका को करोड़ों रुपये के कर और शुल्क का नुकसान हो रहा है।
सरकार का आश्वासन
इस पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने सदन में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार 90 दिनों के भीतर मोबाइल टावरों के लिए एक स्पष्ट नीति घोषित करेगी।
अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार की घोषित नीति कब तक अमल में आती है और अनधिकृत टावरों पर वास्तविक कार्रवाई कब शुरू होती है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र