LPG Cylinder News: देश में एलपीजी (LPG) की उपलब्धता को लेकर पिछले कुछ दिनों से लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। खासकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि घरेलू 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर में कम गैस भरकर सप्लाई की जा सकती है। इस खबर ने आम लोगों के बीच असमंजस और डर पैदा कर दिया था। लेकिन अब सरकार ने इन सभी अटकलों पर साफ शब्दों में विराम लगा दिया है।
क्या है पूरी सच्चाई?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इन खबरों को पूरी तरह अफवाह बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14.2 किलो के सिलेंडर में कम गैस भरने जैसी कोई योजना फिलहाल लागू नहीं की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरों पर भरोसा न करें। हालांकि, यह जरूर सामने आया है कि इस तरह का प्रस्ताव विचाराधीन हो सकता है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।
दरअसल, इस पूरी स्थिति की जड़ पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव है। खासकर ईरान से जुड़े हालात और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल और गैस सप्लाई में आ रही रुकावट ने भारत के लिए चुनौती बढ़ा दी है। इसका असर एलपीजी के आयात पर पड़ा है, जिससे घरेलू स्टॉक पर दबाव महसूस किया जा रहा है।
देश में एलपीजी सप्लाई सामान्य
सरकार का कहना है कि इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। यही वजह है कि कमर्शियल गैस सप्लाई में कुछ कटौती की गई है, ताकि घरों में गैस की कमी न हो। राहत की बात यह है कि फिलहाल देश में एलपीजी सप्लाई सामान्य बनी हुई है और ‘ड्राई आउट’ जैसी स्थिति नहीं है।
PNG की ओर तेजी से बढ़ रहे लोग
दिलचस्प बात यह भी है कि लोग अब वैकल्पिक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 10 दिनों में करीब 2 लाख उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अपनाया है, जबकि 3.5 लाख नए कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह बदलाव भविष्य की ऊर्जा जरूरतों की दिशा भी दिखाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि अब देश की 50–60% एलपीजी मांग घरेलू उत्पादन से पूरी हो रही है, जो पहले करीब 40% थी। इससे आयात पर निर्भरता कुछ कम हुई है।