Attack on Donald Trump: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में कल शनिवार रात आयोजित प्रतिष्ठित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर, जिसे अक्सर राजनीति और मीडिया की सबसे चर्चित शाम माना जाता है, कुछ ही सेकंड में जश्न से दहशत में बदल गया। वॉशिंगटन हिल्टन होटल में करीब 2,000 से ज्यादा मेहमानों पत्रकारों, राजनेताओं, कैबिनेट सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी के बीच अचानक गोलियों जैसी आवाजें गूंजीं और पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच गई।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य सभी सुरक्षित
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 8:40 बजे मुख्य सुरक्षा जांच क्षेत्र के पास एक हथियारबंद संदिग्ध ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद सीक्रेट सर्विस ने तुरंत मोर्चा संभाला और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई वरिष्ठ अधिकारियों को कुछ ही पलों में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। हॉल के भीतर मौजूद लोग मेजों के नीचे छिप गए, कई लोगों ने इसे पहले किसी सामान गिरने की आवाज समझा, लेकिन जब सुरक्षाकर्मी चिल्लाए “Get down!” तब स्थिति की गंभीरता साफ हुई।
शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू बरामद
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध के पास शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू थे। एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी सुरक्षा कार्रवाई के दौरान घायल हुआ, लेकिन उसकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने जान बचा ली। संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक वह कैलिफोर्निया का रहने वाला बताया जा रहा है।
WATCH: More footage from the evacuation shows President Trump being rushed out of the White House Correspondents’ Dinner following THE SHOOTING.pic.twitter.com/7rIuitqXob
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) April 26, 2026
पीएम मोदी ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर चिंता जताते हुए लोकतंत्र में हिंसा की कड़ी निंदा की। ट्रंप ने बाद में कानून-व्यवस्था एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी तत्परता ने बड़ी त्रासदी टाल दी। कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और आयोजकों ने इसे अगले 30 दिनों में दोबारा आयोजित करने की बात कही है।
अमेरिका की वीवीआईपी सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने अमेरिका की वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर इसलिए क्योंकि यह वही वॉशिंगटन हिल्टन है जहां 1981 में पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर भी हमला हुआ था। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े राजनीतिक और मीडिया आयोजन में यह चूक बेहद चिंताजनक है।