Donald Trump Buffalo: बांग्लादेश में इन दिनों एक अनोखा भैंसा लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। हल्के गुलाबी रंग और सिर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जैसी हेयरस्टाइल के कारण इस दुर्लभ एल्बिनो भैंसे को लोगों ने ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम दे दिया। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद यह भैंसा इंटरनेट सेंसेशन बन गया और अब ईद-उल-अजहा से ठीक पहले इसकी बिक्री भी हो चुकी है।
एल्बिनो नस्ल का भैंसा
यह खास भैंसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास नारायणगंज जिले के राबेया एग्रो फार्म में पाला गया था। फार्म मालिक जियाउद्दीन मैरदा के अनुसार यह चार साल का दुर्लभ एल्बिनो नस्ल का भैंसा था, जिसका रंग सामान्य भैंसों से बिल्कुल अलग हल्का गुलाबी दिखाई देता था। इसके सिर पर बने खास तरह के बाल और अनोखी बनावट लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेती थी।
Albino ‘Donald Trump’ buffalo gains social media STARDOM due to resemblance to US president
Crowds visit the animal regularly, which is located on a farm in Bangladesh
The animal weighs 1,500 pounds, but has been losing weight due to crowd stress pic.twitter.com/eJIYYWQNpZ
— RT (@RT_com) May 21, 2026
कैसे पड़ा नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप’?
मैरदा ने बताया कि उन्होंने यह भैंसा करीब 10 महीने पहले राजशाही सिटी हाट से खरीदा था। फार्म पर आने के बाद उनके छोटे भाई ने इसकी हेयरस्टाइल देखकर मजाक में इसका नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप’ रख दिया। धीरे-धीरे यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। स्थानीय मीडिया में खबर आने के बाद बड़ी संख्या में लोग सिर्फ इस भैंसे को देखने फार्म पर पहुंचने लगे।
फार्म मालिक का कहना है कि यह नाम केवल मजाक और प्यार के तौर पर रखा गया था। उन्होंने साफ कहा कि इंसानों और जानवरों की तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन लोगों को इसकी अनोखी शक्ल और स्टाइल काफी दिलचस्प लगी।
700 किलो वजन का भैंस
करीब 700 किलो वजन वाले इस भैंसे को आखिरकार ओल्ड ढाका के व्यापारी मोहम्मद शोरोन ने खरीद लिया। जानकारी के अनुसार इसकी कीमत 550 टका प्रति किलो तय की गई और सौदा ‘लाइव-वेट बेसिस’ यानी वजन के हिसाब से हुआ। खरीदार ने इसे ईद-उल-अजहा की पारंपरिक कुर्बानी के लिए खरीदा है।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि वायरल होने के बाद अब खरीदार इस भैंसे को सार्वजनिक रूप से दिखाने से बच रहे हैं। जब स्थानीय पत्रकार उनके घर पहुंचे तो उन्होंने भैंसा दिखाने से इनकार कर दिया और कहा कि अभी उसकी डिलीवरी नहीं हुई है। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता और भीड़ से बचने के लिए भैंसे को फिलहाल छिपाकर रखा जा रहा है।
अपने अनोखे रंग, स्टाइल और नाम की वजह से यह भैंसा अब सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लोगों की जिज्ञासा और चर्चा का केंद्र बन चुका है।