जरूर पढ़ें

खान सर की कोचिंग पर लगेगा ताला! प्रशासन ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

क्या बंद हो जाएगी खान सर की कोचिंग? प्रशासन ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम
क्या बंद हो जाएगी खान सर की कोचिंग? प्रशासन ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम (File Photo)

पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फायर सेफ्टी नियमों में गंभीर खामियां मिलने के बाद प्रशासन ने 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में सुधार नहीं होने पर कोचिंग सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि बंदी की नौबत भी आ सकती है।

Updated:

Khan Sir Coaching: पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) कोचिंग संस्थान एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। बिहार अग्निशमन विभाग ने संस्थान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो कोचिंग सेंटर को बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बीच संस्थान के संचालक खान सर उर्फ फैसल खान पहले से ही एक अन्य मामले में पुलिस जांच के दायरे में हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।

पहले भी दिय गया था नोटिस

बिहार फायर सर्विस के डीआईजी मनोज कुमार नट के अनुसार, खान ग्लोबल स्टडीज को पहले भी फायर सेफ्टी संबंधी कमियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीओ की टीम ने पूर्व में संस्थान का निरीक्षण किया था, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद संस्थान को जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए थे।

हालांकि हाल ही में हुई दोबारा जांच में भी कई सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। अग्निशमन विभाग का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 पूरे राज्य में सुरक्षा मानकों की जांच

दरअसल, दिल्ली और बिहार के मुजफ्फरपुर में हाल के वर्षों में हुए बड़े अग्निकांडों के बाद फायर विभाग पूरे राज्य में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहा है। पटना में कई अस्पतालों, होटलों और अन्य संस्थानों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि भीड़भाड़ वाले संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।

फायरिंग मामले में घिरे खान सर

दूसरी ओर, खान सर एक अलग विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और फायरिंग की घटना के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में उनके दो निजी सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने पूछताछ में फायरिंग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

फिलहाल खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है। उनके वकीलों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

रौशन आनंद की गिरफ़्तारी

इसी मामले में ज्ञान बिंदू जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है।

अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग।
• जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।
• जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन।
• हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।