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पीएम किसान योजना: दिवाली पर किसानों को नहीं मिली 21वीं किस्त, अब इस तारीख तक आने की उम्मीद

पीएम किसान योजना: दिवाली पर किसानों को नहीं मिली 21वीं किस्त, अब इस तारीख तक आने की उम्मीद
PM Kisan Yojana – दिवाली पर नहीं आई 21वीं किस्त, अब अक्टूबर के अंत तक आने की संभावना
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Asfi Shadab
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पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त पर किसानों की नजरें, दिवाली पर नहीं मिला लाभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) के लाभार्थी किसानों के लिए इस बार दिवाली उम्मीदों से भरी जरूर थी, लेकिन खुशियों की जगह इंतजार ने जगह ले ली। देशभर के करोड़ों किसान भाइयों को 20 अक्टूबर को योजना की 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार था, परंतु शाम तक भी उनके खातों में 2-2 हजार रुपये नहीं पहुंचे।

जहां कुछ राज्यों में 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई, वहीं अन्य में 21 अक्टूबर को। दोनों दिन बैंक अवकाश के कारण लेन-देन प्रभावित रहा। ऐसे में 21 तारीख को भी किस्त आने की संभावना बेहद कम दिख रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त कब जारी होगी।


कृषि मंत्री ने कुछ राज्यों में पहले ही जारी की थी किस्त

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के किसानों के लिए 21वीं किस्त जारी की थी। इन राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था।

इसके बाद 7 अक्टूबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए भी 21वीं किस्त जारी की गई। इन वितरणों के बाद देश के अन्य राज्यों के किसानों को उम्मीद थी कि शायद दीपावली से पहले या त्योहार के दिन किस्त उनके खातों में पहुंच जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


क्यों नहीं आई पीएम किसान योजना की किस्त दिवाली पर?

इस बार दिवाली का त्योहार शनिवार और रविवार जैसे बैंक अवकाशों से टकरा गया।

  • 20 अक्टूबर को अधिकांश बैंकों में दिवाली की छुट्टी रही।

  • वहीं, 21 अक्टूबर को भी कई राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं।

इस स्थिति में सरकारी भुगतान प्रक्रिया पर असर पड़ा है। हालांकि, कृषि मंत्रालय ने अब तक किस्त को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ऐसे में किसानों को अगले कुछ दिनों तक और इंतजार करना पड़ सकता है।


अब कब तक आ सकती है पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त?

कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त अक्टूबर के अंत तक किसानों के खातों में पहुंच सकती है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि यह किस्त बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जारी की जा सकती है।

बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे —

  • पहला चरण: 6 नवंबर 2025

  • दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025

  • मतगणना: 14 नवंबर 2025

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार किसानों को चुनाव से पहले खुशखबरी देना चाह सकती है। ऐसे में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में किस्त जारी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।


कितने किसानों को मिलेगा फायदा?

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों को हर चार महीने में 2-2 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह रकम सालाना 6,000 रुपये की होती है। योजना की शुरुआत 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।

हर वर्ष तीन किस्तें जारी की जाती हैं —

  1. अप्रैल से जुलाई (पहली किस्त)

  2. अगस्त से नवंबर (दूसरी किस्त)

  3. दिसंबर से मार्च (तीसरी किस्त)

इस बार 21वीं किस्त अगस्त-नवंबर चक्र की है, जो सामान्यतः अक्टूबर में जारी की जाती है।


आधिकारिक घोषणा का इंतजार

हालांकि कुछ किसानों ने अपने बैंक खातों में “FTO Generated” या “Payment Processing” की स्थिति देखी है, लेकिन धनराशि क्रेडिट नहीं हुई है। कृषि मंत्रालय की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर लाभार्थी किसान अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक या बिहार चुनाव की अधिसूचना के पहले किस्त जारी होने की संभावना प्रबल है।


निष्कर्ष

दिवाली पर किसानों की उम्मीदें भले अधूरी रह गई हों, लेकिन सरकार के सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त का इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं होगा। अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह तक किसानों के खाते में यह धनराशि आने की उम्मीद है। तब तक किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बैंक खातों और ई-केवाईसी स्थिति को अपडेट रखें ताकि भुगतान में कोई अड़चन न आए।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।