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श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, बागपत में सहकारी समिति निवेश घोटाले से जुड़ा मामला

श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, बागपत में सहकारी समिति निवेश घोटाले से जुड़ा मामला
Shreyas Talpade Fraud Case – बॉलीवुड एक्टर श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ पर बागपत में धोखाधड़ी का मामला दर्ज
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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बागपत में बड़ा निवेश घोटाला: बॉलीवुड से जुड़ा विवाद

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक बड़े आर्थिक घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और वरिष्ठ अभिनेता आलोक नाथ का नाम शामिल किया गया है। दोनों अभिनेताओं पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप लगा है। यह मामला एक सहकारी समिति में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से करोड़ों रुपये ठगने से संबंधित है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

बागपत की रहने वाली बबली नाम की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को यह कहकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया कि उनका पैसा पांच वर्षों में दोगुना कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत जिले के 500 से अधिक लोगों ने लगभग 5 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया।

लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद जब निवेशकों को कोई रिटर्न नहीं मिला, तो लोगों को शक हुआ। इसके बाद जब कंपनी के एजेंटों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो अधिकांश एजेंट फरार पाए गए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

आरोपियों में शामिल हैं 24 लोग

इस मामले में 24 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों अभिनेता उक्त सहकारी समिति के ब्रांड एंबेसडर थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके प्रचार से प्रेरित होकर लोगों ने इस सोसाइटी में पैसा लगाया।

एएनआई के मुताबिक, मामला 22 जनवरी 2024 को दर्ज किया गया था और अब इसकी जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि कंपनी के प्रचार में कई मशहूर चेहरे शामिल थे, जिससे लोगों में भरोसा पैदा हुआ।

ग्रामीणों की उम्मीदें टूटीं, कंपनी हुई गायब

जैसे ही ग्रामीणों ने देखा कि उनका पैसा फंस गया है, तो उनमें भारी नाराजगी फैल गई। बताया जा रहा है कि सोसाइटी ने अचानक अपना काम बंद कर दिया और उसके प्रमुख अधिकारी गायब हो गए। जिन लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी निवेश की थी, वे अब न्याय की मांग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और श्रेयस को राहत

इस पूरे मामले में श्रेयस तलपड़े ने खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि वे केवल सोसाइटी के विज्ञापन से जुड़े थे और उन्हें कंपनी की आर्थिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

इस साल जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी कर श्रेयस तलपड़े को गिरफ्तारी से अस्थायी राहत दी थी। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल जारी रखें, लेकिन श्रेयस तलपड़े को फिलहाल गिरफ़्तार न किया जाए।

आलोक नाथ की भूमिका पर भी सवाल

अभिनेता आलोक नाथ पर भी इसी मामले में नामजद आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने इस संस्था के लिए विज्ञापन शूट किया था और कई सार्वजनिक मंचों पर इसकी प्रशंसा की थी। हालांकि, उन्होंने अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पुलिस जांच जारी

बागपत पुलिस ने बताया कि यह एक बहु-राज्यीय घोटाला हो सकता है, क्योंकि कंपनी ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी निवेश के लिए प्रचार किया था। पुलिस ने कई एजेंटों से पूछताछ की है और बैंक खातों की जांच शुरू की है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह एक संगठित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला प्रतीत होता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ब्रांड एंबेसडरों को कंपनी की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी या नहीं।


जनता की उम्मीद न्याय से

बागपत के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बड़े-बड़े चेहरों पर भरोसा किया था और अब वे चाहते हैं कि उन्हें उनका पैसा वापस मिले।
यह मामला न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि इसमें बॉलीवुड जगत से जुड़े नाम सामने आए हैं।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।