Sikkim 50 Years Celebration: सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर आज का दिन राज्य के लिए विकास, गर्व और नई उम्मीदों का संदेश लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगटोक पहुंचकर राज्य को 4000 करोड़ रुपये से अधिक की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
समापन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सिक्किम के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाना बेहद गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जब ऐसे खास मौके दिव्य वातावरण में मनाए जाते हैं, तो उनकी भव्यता कई गुना बढ़ जाती है।
पर्यटन समेत अन्य कई क्षेत्रों में होगा विकास
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, सड़क और कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन और कृषि जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिक्किम को विकास की नई रफ्तार देना और स्थानीय लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
सिक्किम “नेचर का ब्रांड एम्बेसडर”
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सिक्किम की स्वच्छता की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि गंगटोक में रोड शो के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित यहां की साफ-सुथरी सड़कें और स्वच्छ वातावरण ने किया। उन्होंने सिक्किमवासियों को “प्रकृति का सच्चा रखवाला” और “नेचर का ब्रांड एम्बेसडर” बताया। पीएम मोदी के शब्दों में यह सिर्फ तारीफ नहीं थी, बल्कि सिक्किम के पर्यावरण संरक्षण मॉडल की राष्ट्रीय पहचान भी थी।
Speaking during the closing ceremony of Sikkim’s 50th Year of Statehood celebrations. Known for its serenity and enterprise, the state has seen rapid progress. https://t.co/hFUftLcfk7
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
सिक्किम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पीएम मोदी ने की प्रशंसा
प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि सिक्किम ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की सच्ची तस्वीर पेश की है। उन्होंने कहा कि जब देश में कई बार क्षेत्रवाद और विभाजन की राजनीति देखने को मिलती है, तब सिक्किम ने पूरे भारत को एकता, संस्कृति और देशभक्ति के सूत्र में बांधने का काम किया है।
पीएम मोदी का यह दौरा विकास योजनाओं से आगे बढ़कर भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक रहा। उन्होंने साफ किया कि सिक्किम सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, स्वच्छता और एकता की प्रेरक मिसाल भी है। सिक्किम के लिए यह दिन आने वाले वर्षों तक विकास और गौरव के नए अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।