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पंजाब सरकार ने वापस ली सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा, भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज

पंजाब सरकार ने वापस ली सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा, भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज
पंजाब सरकार ने वापस ली सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा, भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज (File Photo)

Harbhajan Singh: पंजाब सरकार ने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली, जिससे सियासी चर्चाएं तेज हो गईं। राघव चड्ढा के AAP छोड़ने के बाद हरभजन के भविष्य को लेकर अटकलें बढ़ीं। विरोध प्रदर्शन, ‘गद्दार’ के नारे और भाजपा-AAP आरोप-प्रत्यारोप ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया।

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Harbhajan Singh: पंजाब की राजनीति इन दिनों चड्डा को लेकर सुर्ख़ियों में है और अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा वापस लिए जाने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, हरभजन सिंह के घर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया है। मालूम हो इससे पहले इसी तरह राघव चड्ढा की सुरक्षा हटाए जाने को लेकर भी बड़ा राजनीतिक विवाद देखने को मिला था।

हरभजन सिंह को मिली थी Z कैटेगरी सुरक्षा

हरभजन सिंह को पहले पंजाब सरकार की ओर से Z कैटेगरी सुरक्षा दी गई थी। अब सुरक्षा हटने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह सिर्फ प्रशासनिक फैसला है या इसके पीछे बदलते राजनीतिक समीकरण हैं। चर्चा यह भी है कि जैसे राघव चड्ढा को बाद में केंद्र सरकार से Y कैटेगरी सुरक्षा मिली, वैसे ही हरभजन सिंह के मामले में भी ऐसा हो सकता है।

हरभजन सिंह भी थामेंगे भाजपा का दामन!

इस पूरे घटनाक्रम में राघव चड्ढा का नाम भी सामने आ रहा है। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा ने दावा किया था कि हरभजन सिंह भी उन सात सांसदों में शामिल हैं, जो AAP से दूरी बना सकते हैं। हालांकि हरभजन सिंह ने अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनकी चुप्पी ने सियासी अटकलों को और बढ़ा दिया है।

हरभजन सिंह के घर के बाहर लिखा ‘गद्दार’

इधर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी खुलकर सामने आया। शनिवार को लुधियाना और जालंधर समेत कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर उनके घरों की दीवारों पर ‘गद्दार’ तक लिख दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘पंजाब दे गद्दार’ जैसे नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि जनता के भरोसे के साथ विश्वासघात किया गया है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।