Akshaya Tritiya: घर में नई शुरुआत का सपना हो, निवेश का सही समय तलाश रहे हों या फिर समृद्धि की कामना, इन सबके लिए एक दिन खास माना जाता है और वह है अक्षय तृतीया। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य या खरीदारी कभी “क्षय” नहीं होती, यानी उसका फल लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से लेकर नए काम शुरू करने तक की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
कब है अक्षय तृतीया?
पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को दोपहर 1 बजकर 1 मिनट से शुरू होगी और 20 अप्रैल 2026 की सुबह 10 बजकर 39 मिनट तक रहेगी। चूंकि 20 अप्रैल की सुबह तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी और रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए इस साल 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा।
अक्षय तृतीया पर न करें इन चीजों की खरीदारी
इस दिन जहां लोग जमकर खरीदारी करते हैं, वहीं ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कुछ चीजों को खरीदने से बचना भी जरूरी माना गया है। माना जाता है कि गलत वस्तुओं की खरीदारी शुभ फल को प्रभावित कर सकती है।
- सबसे पहले, काले रंग की वस्तुओं से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। काला रंग कई मान्यताओं में नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जबकि अक्षय तृतीया सकारात्मकता और समृद्धि का दिन है। इसलिए काले कपड़े, जूते या अन्य सामान खरीदने से बचना बेहतर होता है।
- इसके अलावा लोहे और स्टील से बनी वस्तुएं खरीदना भी इस दिन शुभ नहीं माना जाता। ज्योतिष के अनुसार ये धातुएं शनि ग्रह से जुड़ी होती हैं, और इस दिन इनकी खरीदारी सकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकती है।
- धारदार वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची या अन्य तेज उपकरण भी इस दिन नहीं खरीदने चाहिए। मान्यता है कि ये चीजें जीवन में तनाव और रिश्तों में कटुता का संकेत दे सकती हैं।
- अक्षय तृतीया नए और शुभ कार्यों के लिए जानी जाती है, इसलिए इस दिन पुरानी या सेकंड-हैंड चीजें खरीदने से भी बचना चाहिए। इसके साथ ही टूटे-फूटे या खराब सामान, जैसे डिफेक्टिव इलेक्ट्रॉनिक्स, खरीदना भी अशुभ माना जाता है।
कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि सही और सकारात्मक चयन का अवसर है। इस दिन अगर सोच-समझकर शुभ वस्तुओं की खरीदारी की जाए, तो यह जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली का मार्ग खोल सकती है।