भगवान हनुमान से सीखें साहस और शक्ति
Hanuman Jayanti 2026: 2 अप्रैल को पूरे भारत में हनुमान जयंती मनाई गई। यह दिन भगवान हनुमान का जन्मदिन है। लोग इसे बहुत खुशी और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। यह त्योहार हमें शक्ति, भक्ति और दृढ़ संकल्प की याद दिलाता है। भगवान हनुमान बहुत साहसी और ताकतवर थे। वे हमेशा भगवान राम के भक्त रहे। उनका जन्मदिन हमें यह सिखाता है कि मुश्किल समय में भरोसा, भक्ति और धैर्य रखकर सब कुछ सही किया जा सकता है।
बड़े उत्सव और शोभायात्राएं
Hanuman Jayanti 2026: नागपुर, वाराणसी, दिल्ली, हैदराबाद और कई अन्य शहरों में हनुमान जयंती के दिन खूब उत्सव देखने को मिले। मंदिरों और गलियों में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, भजन और आरती हुई और भक्तों को प्रसाद दिया गया। लाखों लोग इन कार्यक्रमों में शामिल हुए और अपनी भक्ति दिखाई। मंदिरों में हनुमान चालीसा और रामचरितमानस का पाठ भी किया गया। यह परंपरा हर साल की तरह इस साल भी जारी रही।

850 से ज्यादा जगहों पर सामूहिक ‘गदा पूजन’
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती सिर्फ भगवान हनुमान के जन्म का दिन नहीं है। यह हमें उनके गुण-शौर्य, शक्ति और निष्ठा—को सीखने और अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति ने पूरे देश में 850 से ज्यादा जगहों पर सामूहिक ‘गदा पूजन’ कार्यक्रम आयोजित किए। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों में हजारों युवा और बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
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गांव-गांव में हैं मारुति मंदिर
Hanuman Jayanti 2026: इतिहास में देखा गया है कि जहां-जहां भगवान हनुमान की शक्ति रही, वहां सफलता मिली। चाहे वह लंका दहन का समय हो या महाभारत में अर्जुन के रथ पर हनुमान की उपस्थिति, हर जगह उनकी शक्ति से जीत हुई। छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य के समय भी समर्थ रामदास स्वामीजी ने गांव-गांव में मारुति मंदिर बनवाए और वहां बल पूजा कराई, जिससे लोगों में शक्ति और उत्साह बढ़ा।
सामूहिक प्रार्थना और नामजप
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन भक्तों में शौर्य, शक्ति और भक्ति जगाने के लिए ‘गदा पूजन’, हनुमान आरती, मारुति स्तोत्र का पाठ, शंखनाद और सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। सभी लोगों ने मिलकर ‘श्री हनुमते नमः’ का नाम जपा। इसके बाद उन्हें यह भी समझाया गया कि रामराज्य की स्थापना में हनुमान के गुणों को कैसे अपनाया जा सकता है।
धर्म और देश की रक्षा की प्रतिज्ञा
Hanuman Jayanti 2026: कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने मिलकर यह वचन लिया कि वे रामराज्य की स्थापना और धर्म की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों को निभाएंगे। हिंदू जनजागृति समिति पिछले चार सालों से पूरे देश में ऐसे सामूहिक ‘गदा पूजन’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस साल भी भक्तों और धर्म के समर्थकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।