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बिहार में विकास की नई कहानी, नीतीश कुमार बोले- 2005 के पहले हाल पूछिए

बिहार में विकास की नई कहानी, नीतीश कुमार बोले- 2005 के पहले हाल पूछिए
Bihar Development News: बिहार में अब हर पंचायत में विवाह भवन, युवाओं को रोजगार और बिजली की सुविधा (file photo)
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Asfi Shadab
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बिहार में विकास की नई राह

मुख्यमंत्री ने कहा- बिहार अब विकसित राज्यों में शामिल होगा
आरा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जगदीशपुर में आयोजित सभा में कहा कि बिहार अब देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनते ही एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इसके साथ ही हर पंचायत में विवाह भवन बनवाने के लिए चार हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोगों को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिल रही है और अब घरों पर सोलर लाइट भी लगाई जाएंगी।


विकास की उपलब्धियाँ और विपक्ष पर निशाना

नीतीश कुमार ने सभा में कहा कि वोट मांगने आए नेताओं से पूछें कि 2005 से पहले बिहार में क्या स्थिति थी। उन्होंने बताया कि तब राज्य में अशांति और बेरोजगारी थी। आज बिहार में हर ओर शांति है और विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग से सड़कों, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की भी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसा को मान्यता देते हुए शिक्षकों को सरकारी दर्जा दिया गया, और 60 साल से अधिक पुराने मंदिरों की घेराबंदी कराई गई। उन्होंने बताया कि 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और 40 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं।


शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में प्रगति

सीएम ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए पोशाक योजना शुरू की गई, नए स्कूल खोले गए और दर्जनों नए मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की गई। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण और 10-10 हजार रुपए की सहायता दी गई। राज्य में जीविका दीदियों की संख्या अब एक करोड़ 40 लाख हो गई है।


राजनैतिक स्थिति और विपक्ष की चुनौतियाँ

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद संजय झा ने कहा कि देश और दुनिया की निगाहें बिहार पर हैं। उन्होंने बताया कि विपक्ष अब तक अपने प्रत्याशियों का निर्णय नहीं कर पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पैसा पर टिकट मिल रहा है तो विकास कैसे होगा। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ईमानदारी और बेदाग छवि की सराहना भी की गई।


जनता की आशाएँ और भविष्य की योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब हर पंचायत में विवाह भवन बनेंगे, जिससे ग्रामीण स्तर पर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में हर क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं को समान अवसर मिलेंगे।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।