Anant Singh: पटना हाई कोर्ट ने आज गुरुवार को जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद करीब साढ़े चार महीने से जेल में बंद अनंत सिंह के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा में चुनावी माहौल गरम था। 30 अक्टूबर को घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बना दिया था। स्थानीय लोग आज भी उस दिन को याद कर सिहर उठते हैं।
1 नवंबर की रात हुई थी गिरफ्तारी
हत्या के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए 1 नवंबर की रात गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन उन्हें कोर्ट में पेश कर पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया। निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उनके समर्थकों में निराशा थी।
हालांकि, अब पटना हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को मंजूरी देते हुए राहत दी है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं पीड़ित परिवार के लिए यह फैसला भावनात्मक रूप से कठिन माना जा रहा है।
जेल में रहकर लड़ा चुनाव
दिलचस्प बात यह है कि जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। हाल ही में 16 मार्च को वे राज्यसभा चुनाव में वोट डालने भी पहुंचे थे, जहां उन्होंने कहा था कि उन्हें जल्द ही न्याय मिलेगा।
अपने बेटे को राजनीति में उतारेंगे अनंत सिंह
राजनीतिक तौर पर भी यह मामला चर्चा में है। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अनंत सिंह ने भी संकेत दिया है कि वे अब खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आगे मोकामा से उनके बड़े बेटे चुनावी मैदान में उतरेंगे।