Nagpur News: महाज्योति पर ₹190 करोड़ घोटाले के आरोप निराधार – संस्था ने नागपुर में दिया स्पष्टीकरण

Mahajyoti scam allegations Nagpur: नागपुर की महाज्योति संस्था पर लगे 190 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों को संस्था ने पूरी तरह गलत बताया है। संस्था का कहना है कि उसका काम नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होता है। नियमित जांच, ऑडिट और प्रशिक्षण प्रक्रिया के कारण किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं है।
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महाज्योति ने घोटाले के आरोपों को बताया झूठा
Mahajyoti scam allegations Nagpur: नागपुर। महात्मा ज्योतिबा फुले अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (महाज्योति) ने अपने विरुद्ध लगाए गए ₹190 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। संस्था ने स्पष्ट किया कि ये आरोप असंगत हैं और केवल संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
संस्था के अनुसार उसका समस्त कार्य शासन के नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से संचालित है और किसी भी प्रकार की आर्थिक या प्रशासनिक अनियमितता नहीं हुई है।
NSDC नीतियों के तहत होता है समझौता
संस्था ने कहा सभी काम नियम और पारदर्शिता से हो रहे हैं
कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संदर्भ में संस्था ने बताया कि सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ किया जाने वाला समझौता राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) की नीतियों के अनुरूप होता है। संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि ये काउंसिल निजी ठेकेदार नहीं, बल्कि उद्योग-आधारित स्वायत्त निकाय हैं। प्रशिक्षण, मूल्यांकन और गुणवत्ता मानक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लागू किए जाते हैं।
CAG ऑडिट सहित नियमित लेखा परीक्षण
महाज्योति ने बताया कि सभी प्रशिक्षण केंद्रों की नियमित जांच होती है। आधार-आधारित सत्यापन और तृतीय पक्ष मूल्यांकन की व्यवस्था के कारण किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है। संस्था के सभी वित्तीय लेनदेन का नियमित लेखा परीक्षण किया जाता है, जिसमें CAG का ऑडिट भी शामिल है।
UPSC और रोजगार में उल्लेखनीय उपलब्धियां
संस्था ने अपनी उपलब्धियों का हवाला देते हुए बताया कि महाज्योति के मार्गदर्शन में 32 छात्रों ने UPSC 2025 में सफलता प्राप्त की है। इसके अलावा हजारों विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिले हैं।
संस्था ने अंत में दोहराया कि उसका कार्य समाजहित में पारदर्शिता के साथ जारी है और लगाए गए आरोप पूरी तरह भ्रामक हैं। संस्था की ओर से आगे की कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

