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नागपुर में नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने की अपील

नागपुर में नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने की अपील
Nagpur Operation Thunder anti-drugs campaign: नागपुर में नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने की अपील (Photo: RB / Jassi)

Nagpur Operation Thunder anti-drugs campaign: नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने नागरिकों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग की अपील की है। ऑपरेशन थंडर के तहत अब तक एक हजार मामले दर्ज किए गए, 21.94 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त हुए और 1,438 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जागरूकता और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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Asfi Shadab
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नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर

Nagpur Operation Thunder anti-drugs campaign: नागपुर। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने नागरिकों से मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा, “नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ही सफल हो सकती है।”

26 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस’ मनाया जाता है। इसी क्रम में 17 से 26 जून तक देशभर में ‘नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान’ विषय पर नशा मुक्त भारत सप्ताह आयोजित किया जा रहा है।

डॉ. सिंगल के अनुसार, नागपुर के तेजी से विस्तार के साथ कुछ असामाजिक तत्व मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के प्रयास कर रहे हैं, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से युवाओं पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

ऑपरेशन थंडर के तहत नागपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देशों पर मार्च 2024 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन थंडर’ के तहत अब तक एनडीपीएस अधिनियम में 1,000 मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस ने करीब 21.94 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त कर 1,438 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 1,499 किलोग्राम गांजा और 17.690 किलोग्राम मेफेड्रोन शामिल है। 719 नशा सेवनकर्ताओं पर भी कार्रवाई हुई है।

‘ऑपरेशन यू-टर्न’ के तहत पुलिस ड्रग डिटेक्टर उपकरणों से पब-बार में जांच कर रही है, वहीं ‘पुलिस दीदी’ और ‘पुलिस काका’ अभियान के जरिए स्कूल-कॉलेजों व बस्तियों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

डॉ. सिंगल ने नागरिकों से मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी जानकारी पर तुरंत पुलिस को सूचित करने और ‘व्यसनमुक्त नागपुर’ के संकल्प में सहयोग देने की अपील की है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।