नागपुर के सिविल लाइंस में भूमि बिक्री पर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

Air India land sale Civil Lines Nagpur investigation: नागपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में एयर इंडिया की भूमि बिक्री को लेकर नागरिक अधिकार संरक्षण मंच ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मंच के अध्यक्ष जनार्दन मून ने दस्तावेजों में कथित अंतर और प्रक्रिया संबंधी शंकाओं का हवाला देते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामले में संबंधित विभागों और अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई है।
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एयर इंडिया की भूमि बिक्री पर जांच की मांग तेज
Air India land sale Civil Lines Nagpur investigation: नागपुर। नागपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित एयर इंडिया की भूमि को कथित रूप से संदिग्ध परिस्थितियों में बेचे जाने का गंभीर आरोप नागरिक अधिकार संरक्षण मंच ने लगाया है। मंच ने इस भूमि सौदे की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मंच के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून ने बुधवार को एक पत्रकार परिषद आयोजित कर इस संबंध में कई दस्तावेज सार्वजनिक किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि एवं भवन के स्वामित्व से जुड़े राजस्व विभाग, जिलाधिकारी कार्यालय और कंपनी पंजीकरण विभाग के दस्तावेजों में कई विसंगतियां हैं।
मून ने कहा कि संबंधित संपत्ति एयर इंडिया लिमिटेड के नाम पर दर्ज होने के बावजूद बिक्री के लिए आवश्यक अनुमतियों और अभिलेखीय औपचारिकताओं का पालन किया गया या नहीं, यह गंभीर सवाल है। उनका यह भी आरोप है कि इस सौदे में कुछ निजी व्यक्तियों और संस्थाओं को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों के विपरीत कार्यवाही की गई हो सकती है।
दस्तावेजों में कथित अंतर को लेकर उठे सवाल
प्रेस वार्ता में प्रस्तुत ज्ञापन के अनुसार संपत्ति के स्वामित्व, हस्तांतरण और पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों, तिथियों और सरकारी अभिलेखों में परस्पर अंतर पाया गया है।
नागरिक अधिकार संरक्षण मंच ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी तथा संबंधित सरकारी एजेंसियों को ज्ञापन सौंपकर न्यायिक जांच अथवा विशेष जांच समिति के गठन की मांग की है। मंच ने राजस्व विभाग, पंजीयन कार्यालय और कंपनी पंजीकरण विभाग की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
जनार्दन मून ने कहा, “सार्वजनिक महत्व की भूमि की सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।”
मंच ने चेतावनी दी है कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में जनआंदोलन चलाया जाएगा। पत्रकार परिषद में एडवोकेट सारिका सोनकुसरे, अब्दुल गफ्फूर पाशा, अनिल सहारे और सुरेंद्रपाल सिंह भी उपस्थित थे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

