Suvendu Adhikari Purulia Steel Plant: पुरुलिया में 4,000 करोड़ के स्टील प्लांट के साथ राज्य में औद्योगिक क्रांति का आगाज

Suvendu Adhikari Purulia Steel Plant: पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने व्यापारियों और उद्योगपतियों से बंगाल के पुनर्निर्माण का आह्वान करते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प जताया।
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बंगाल के आर्थिक विकास का नया रोडमैप तैयार
Suvendu Adhikari Purulia Steel Plant: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि बंगाल अब कमजोर राज्य नहीं रहेगा बल्कि यह मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जो भी करना होगा मौजूदा सरकार वह करेगी। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योगपतियों से बंगाल के पुनर्निर्माण का आह्वान करते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, नुकसान तो हो ही चुका है। इस बार हमें इस स्थिति से निकलने का रास्ता खोजना होगा।
बंगाल के लिए बड़े ऐलान
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₹4,000 करोड़ का इस्पात संयंत्र: आगामी 17 अगस्त को पुरुलिया में ₹4,000 करोड़ की लागत से बनने वाले आधुनिक स्टील प्लांट की आधारशिला रखी जाएगी।
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25 नए उद्योगों को जमीन: औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए राज्य सरकार अगले 1 महीने के भीतर 25 नई इकाइयों को भूमि आवंटित करेगी।
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सुगम भूमि अधिग्रहण नीति: राज्य में नए कारखाने लगाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए नई भूमि अधिग्रहण नीति लागू की गई है।
- केंद्रीय वित्त मंत्री का दौरा: राज्य के टेक्सटाइल और चाय उद्योग के विस्तार पर चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 24 से 28 अगस्त के बीच बंगाल का दौरा करेंगी।
गुंडागर्दी और जबरन वसूली होगी खत्म : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पश्चिम बंगाल को पटरी पर लाने के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं। शुभेंदु ने कहा, राज्य दिवस पर वे बंगाल आए और कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने सभी केंद्रीय मंत्रियों से कहा, आप तुरंत बंगाल जाइए वहां काम कीजिए। पश्चिम बंगाल को हर हाल में आत्मनिर्भर बनाना है।औद्योगीकरण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योगपतियों से कहा, सबसे पहले कानून व्यवस्था को सुधारा जाएगा। गुंडागर्दी, गिरोहबाजी और जबरन वसूली जैसी जो स्थिति थी उसे बदला जाएगा। औद्योगीकरण के लिए अच्छी नीतियां बनाई जाएंगी। भूमि व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी और एक खिड़की प्रणाली लागू की जाएगी। यह सरकार आलस्य को दूर भगाकर काम करेगी।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

