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West Bengal Politics: अवैध पत्थर खदान और चुनाव बाद हिंसा के आरोपों में गिरफ्तारी, अदालत में विरोध

Asansol TMC leader Bhola Singh arrested: अवैध पत्थर खदान और चुनाव बाद हिंसा के आरोपों में गिरफ्तारी, अदालत में विरोध (Photo: RB / Ekbal)

Asansol TMC leader Bhola Singh arrested: तृणमूल कांग्रेस के सालानपुर ब्लॉक उपाध्यक्ष विजय उर्फ भोला सिंह को अवैध पत्थर खदान और चुनाव बाद हिंसा समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया। गुरुवार रात गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को उन्हें आसनसोल अदालत में पेश किया गया। अदालत पहुंचने पर विरोध और नारेबाजी हुई। सुरक्षा कारणों से उन्हें हेलमेट पहनाकर लाया गया।

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Asfi Shadab
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गिरफ्तारी के बाद अदालत में विरोध

Asansol TMC leader Bhola Singh arrested: पश्चिम बर्धमान जिले के आसानसोल में अवैध पत्थर खदान और चुनाव बाद हिंसा सहित कई आरोपों में तृणमूल कांग्रेस नेता विजय उर्फ भोला सिंह को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को जैसे ही उन्हें आसानसोल अदालत लाया गया, वहां मौजूद लोगों ने “चोर-चोर” के नारे लगाए और उन पर अंडे भी फेंके गए।

भोला सिंह आसानसोल की बाराबनी विधानसभा अंतर्गत सालानपुर ब्लॉक में तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही वे फरार चल रहे थे। आखिरकार बीती रात सालानपुर थाने की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और आज, शुक्रवार को आसानसोल अदालत में पेश किया।

सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया भोला सिंह

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने भोला सिंह को सालानपुर थाने के बजाय कुलटी थाने में रखा। सूत्रों के अनुसार, यह कदम संभवतः सुरक्षा कारणों से उठाया गया। अदालत लाते समय उन्हें हेलमेट पहनाया गया था, जो सुरक्षा एहतियात का हिस्सा माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी की चर्चा तेज है, क्योंकि भोला सिंह एक प्रभावशाली ब्लॉक स्तरीय नेता रहे हैं और चुनाव परिणाम के बाद से उनके फरार होने की खबरें लगातार आ रही थीं।

मामले में आगे की सुनवाई और जांच जारी रहने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।